पिपरा प्रखंड कार्यालय के समक्ष मजदूर सभा का धरना-प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
सुपौल, 13 अगस्त (हि.स.)। पिपरा प्रखंड में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के नेतृत्व में गुरुवार को पिपरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मजदूरों, भूमिहीनों, गरीबों, किसानों एवं वंचित वर्गों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार के नाम आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया।
धरना के दौरान संगठन के नेताओं ने भूमिहीन गरीब परिवारों को पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने, सभी पंचायतों में भूमिहीनों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मांग उठाई। साथ ही जमीन के मालिकाना हक से संबंधित आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन ने सीलिंग, भूदान एवं वासगीत पर्चा के माध्यम से प्राप्त जमीन पर पर्चाधारियों को दाखिल-खारिज एवं वास्तविक कब्जा दिलाने की मांग भी की। इसके अलावा राशन सूची से गरीबों के नाम हटाने के आदेश को वापस लेने तथा सभी गरीब परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
मनरेगा मजदूरों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने और न्यूनतम 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाई गई। प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार की गारंटी तथा मजदूर-किसानों से पानी, सफाई एवं होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद करने की मांग की गई। धरनार्थियों ने वृद्ध, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन की राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने की भी मांग की। शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने, सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था बेहतर करने तथा प्रत्येक वार्ड में प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग भी रखी गई।
इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़े वर्गों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की गई। धरना-प्रदर्शन में इंद्रदेव शर्मा, सतनारायण यादव, राकेश कुमार, मिलन कुमार, नगिया देवी, लाल बहादुर यादव, अनिल कुमार सहित दर्जनों मजदूर एवं समर्थक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

