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दहेज हत्या में सास-ससुर को सात-सात वर्ष का कठोर कारावास, 25-25 हजार रुपया का लगा जुर्माना

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दहेज हत्या में सास-ससुर को सात-सात वर्ष का कठोर कारावास, 25-25 हजार रुपया का लगा जुर्माना


पश्चिम चम्पारण (बगहा), 9 अक्टूबर (हि.स.)। बगहा पुलिस जिला के नौरंगिया थाना क्षेत्र के जरलहिया पचरूखा गांव में विवाहिता विनिता देवी की दहेज हत्या के मामले में अदालत ने उसके सास-ससुर को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने दोषी फगनी देवी और भुट्टी राय पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोनों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों की गवाही कराई गई थी। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कोई मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपितों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 103(1) और 3(5) के तहत दोषी करार दिया था। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को सजा सुनाई।

सोने की सिकड़ी के लिए किया जाता था प्रताड़ित

अभियोजन के अनुसार, बगहा थाना क्षेत्र के पिपरडाढ़ी निवासी राजू राय ने एक अक्टूबर 2025 को नौरंगिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनकी बहन विनिता देवी की शादी करीब दो वर्ष पूर्व जरलहिया पचरूखा गांव निवासी मुन्ना राय के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में फर्नीचर, आभूषण, दो लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल दी गई थी।

आरोप था कि शादी के करीब एक वर्ष बाद सोने की सिकड़ी की मांग को लेकर सास-ससुर समेत ससुराल पक्ष के लोग विनिता को प्रताड़ित करने लगे थे। संतान नहीं होने को लेकर भी उसे ताने दिए जाते थे। मायके पक्ष के लोगों ने कई बार पंचायत के माध्यम से विवाद सुलझाने का प्रयास किया था। इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ और अंततः विनिता की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द नाथ तिवारी