सबौर के बरारी में पंचायत सरकार भवन निर्माण पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने डीडीसी से की शिकायत
भागलपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)।
जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरारी में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन विवादों के घेरे में आ गया है।
भवन निर्माण कार्य में कथित अनियमितता, मानकों की अनदेखी और अत्यधिक देरी का आरोप लगाते हुए स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भागलपुर के उप विकास आयुक्त से लिखित शिकायत कर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। डीडीसी को सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, बरारी पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की गति कछुआ चाल से भी धीमी है। पिछले कई वर्षों से (वर्ष 2024 से पहले से) चल रहा यह निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके कारण भवन की पहली छत की ढलाई भी नहीं हो पाई है। निर्माण में हो रही इस लेत-लतीफी के कारण स्थानीय जनता को पंचायत सरकार भवन के माध्यम से मिलने वाली प्रशासनिक सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
शिकायत में भवन की तकनीकी मजबूती को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण में कथित तौर पर घटिया और अमानक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंक्रीट मिक्सिंग से लेकर बुनियादी ढांचे में मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में भवन के टिकाऊपन और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी राशि का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने उप विकास आयुक्त से मांग की है कि एक विशेष जांच टीम गठित कर मौके पर निर्माण सामग्री के सैंपल की गुणवत्ता जांची जाए। साथ ही संबंधित एजेंसी को तय समय-सीमा के भीतर प्राक्कलित मानकों के अनुसार काम पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया जाए।
बहरहाल, ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। इस पूरे मामले पर संबंधित निर्माण एजेंसी और विभागीय अभियंताओं का आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है। पंचायत के मुखिया जय करण पासवान का कहना है कि पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं, लेकिन हमारी पंचायत का यह महत्वपूर्ण सरकारी भवन वर्षों से अधूरा लटका हुआ है। ग्रामीणों में इसे लेकर भारी नाराजगी है।
भवन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर लोगों को एक ही छत के नीचे सारी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यहां काम की गति बहुत धीमी है और गुणवत्ता के साथ भी समझौता किया जा रहा है। हमने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हो और पंचायत को जल्द से जल्द एक मजबूत भवन मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

