जलभराव के बीच बन रहे पंचायत सरकार भवन की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
किशनगंज, 15 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत किशनगंज प्रखंड की पिछला पंचायत के वार्ड संख्या-2 में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य विवादों में आ गया है। निर्माण स्थल से सामने आए वीडियो और स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भवन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य जलभराव के बीच कराया जा रहा है। एक वायरल वीडियो में मजदूर घुटने तक पानी में खड़े होकर फाउंडेशन और कॉलम की ढलाई करते दिखाई दे रहे हैं। निर्माणाधीन एक पिलर के झुकाव की भी शिकायत सामने आई है। वहीं सरिया और नींव का हिस्सा पानी में डूबा नजर आने से भवन की मजबूती और गुणवत्ता को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले इस पंचायत सरकार भवन के निर्माण स्थल पर अब तक सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है। इसके कारण निर्माण एजेंसी, स्वीकृत राशि, कार्य अवधि, तकनीकी स्वीकृति और अन्य आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक नहीं हो सकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे निर्माण कार्य में पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि जहां डिजाइन के अनुसार डबल रिइन्फोर्समेंट का उपयोग होना चाहिए, वहां मानकों की अनदेखी की जा रही है। इसके अलावा अधिकांश पिलरों की ढलाई रात के समय कराई जा रही है और निर्माण स्थल पर पर्याप्त तकनीकी निगरानी भी नहीं रहती। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भवन निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्यप्रणाली की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी राशि का दुरुपयोग न हो और भविष्य में भवन की सुरक्षा पर कोई सवाल न उठे।
इस संबंध में जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि निर्माण कार्य से जुड़ी शिकायतों और सामने आए तथ्यों की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

