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मार्तंड मिश्र रचित पुस्तक सागर की लहरों पर का हुआ लोकार्पण

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मार्तंड मिश्र रचित पुस्तक सागर की लहरों पर का हुआ लोकार्पण


अररिया 03 जून(हि.स.)। फारबिसगंज के बंगाली टोला स्थित साहित्यिक पत्रिका संवदिया के कार्यालय में बुधवार को एक सादे समारोह में जाने- माने लेखक, कवि, साहित्यकार व संपादक मांगन मिश्र मार्तंड की पुस्तक सागर की लहरों पर का विमोचन किया गया। पुस्तक यात्रा वृत्तांत पर आधारित है। इसके लोकार्पण के मौके पर वरिष्ठ बाल साहित्यकार हेमंत यादव शशि, इंद्रधनुष साहित्य परिषद के संस्थापक बिनोद कुमार तिवारी, पूर्व बीईओ प्रमोद कुमार झा तथा पूर्व प्रधानाध्यापक हरिशंकर झा मौजूद थे।

इस अवसर पर अपनी इस पुस्तक के बारे में मार्तंड ने कहा कि यात्रा करना मनुष्य की नैसर्गिक प्रवृत्ति है। जीवन को एकदम नजदीक से देखने समझने का सबसे आसान तरीका है। यात्रा से अनुभव, इतिहास, भूगोल, पुरातात्विक ज्ञान, समय- समाज, संस्कृति, और परिवेश की सच्ची समझ आती है। इसका प्रचलन हमारे आदि पुरुषों के क्रिया कलापों से आरंभ है। वे भूख-प्यास और आग-पानी को भूल कर ज्ञान के लिए सदैव संघर्ष करते हुए लगातार यात्राएं करते रहे, जो आजतक जारी है। जीवन और ज्ञान के लिए यात्रा अनिवार्य है। यात्रा के बिना जीवन अधूरा ही रहता है। जब यात्रा चलती है तो इसका अनुभव बांटना सृजन- धर्म हो जाता है। यही सृजन पुस्तक के रूप में सागर की लहरों पर है।

वरिष्ठ बाल साहित्यकार हेमंत यादव ने कहा कि मार्तंड मिश्र ने इस पुस्तक में द्वादश ज्योतिर्लिंग सहित अन्य ऐतिहासिक, सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा का विस्तृत वर्णन किया है।

बिनोद कुमार तिवारी ने कहा कि यात्रा वृत्तांत की सफलता इसी में है वह पाठकों के मस्तिष्क में उन स्थलों के चित्र को संजीव कर दे। हरिशंकर झा तथा प्रमोद कुमार झा ने इस अवसर पर कहा कि मार्तंड मिश्र की इस पुस्तक से पहले भी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और इनको राष्ट्रीय व प्रांत स्तरीय दर्जनों साहित्यिक सम्मान व पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर