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सुपौल में एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य, मोबाइल ऐप से करें ई-केवाईसी: जिला प्रशासन

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सुपौल, 13 अप्रैल (हि.स.)। जिला प्रशासन की ओर से घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की गई है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिन उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी अब तक नहीं हुआ है, उन्हें अब गैस एजेंसी जाने की आवश्यकता नहीं है।

संबंधित तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इंडियन ऑयल (इंडेन) के उपभोक्ता इंडियनऑयल वन मोबाइल ऐप, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उपभोक्ता एचपी पे मोबाइल ऐप तथा भारत पेट्रोलियम (भारत गैस) के उपभोक्ता हैलो बीपीसीएल मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी कर सकते हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार फिलहाल जिले की गैस एजेंसियों के पास लगभग 12,479 एलपीजी गैस सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है तथा आज लगभग 1008 अतिरिक्त गैस सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। वहीं 12 अप्रैल 2026 को करीब 5,988 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। वर्तमान में लगभग 22,552 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस आपूर्ति की जानी बाकी है।

जिले में कुल 61 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें से 46 गैस एजेंसियों पर फिलहाल एलपीजी गैस उपलब्ध है।

शेष एजेंसियों — मुरली इंडेन ग्रामीण वितरक, रामेश्वर तारा इंडेन ग्रामीण वितरक, रत्ना इंडेन ग्रामीण वितरक, संजय इंडेन ग्रामीण वितरक तथा भूशकुलिया एचपी ग्रामीण वितरक — पर भी शीघ्र ही गैस की आपूर्ति होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा गैस एजेंसियों की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक 51 एलपीजी एजेंसियों में से 22 एजेंसियों की जांच की जा चुकी है।

इसके अतिरिक्त 27 होटलों एवं अन्य प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस सिलेंडर के वाणिज्यिक उपयोग की जांच के लिए छापेमारी की गई है। घरेलू गैस के वाणिज्यिक प्रयोग और कालाबाजारी के आरोप में जिले में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों का भी औचक निरीक्षण किया जा रहा है और अब तक 5 पेट्रोल पंपों की जांच की जा चुकी है। तेल कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के उठाव एवं वितरण की निगरानी के लिए समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। आज दिनांक 13 अप्रैल को जिला नियंत्रण कक्ष में 3 शिकायतें एवं जानकारी से संबंधित कॉल प्राप्त हुई, जिनका निष्पादन कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं, एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा जरूरत के अनुसार गैस और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही गैस की बुकिंग करें।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र