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भागलपुर में नीतीश संवाद : जीविका के 20 साल बेमिसाल कार्यक्रम का आयोजन, जुटे कई दिग्गज

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भागलपुर में नीतीश संवाद : जीविका के 20 साल बेमिसाल कार्यक्रम का आयोजन, जुटे कई दिग्गज


भागलपुर, 02 अक्टूबर (हि.स.)। स्थानीय मौर्य विवाह भवन में आज शुक्रवार को “नीतीश संवाद : जीविका के 20 साल बेमिसाल” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद कटिहार के सांसद/विधायक दुलालचंद्र गोस्वामी ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में विधान पार्षद विजय कुमार सिंह एवं नाथनगर विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सोनी कुमारी ने की और नेतृत्व जदयू के जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने किया। मंच का सफल संचालन महानगर जिलाध्यक्ष शालिनी साह द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता दुलालचंद्र गोस्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका ने ग्रामीण बिहार की महिलाओं के जीवन में व्यापक और क्रांतिकारी बदलाव लाने का काम किया है। वहीं, विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनमें अभूतपूर्व आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है। विधान पार्षद विजय कुमार सिंह ने जीविका के दो दशक के सफर को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की एक ऐतिहासिक यात्रा बताया। जदयू जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि जीविका ने महिलाओं को संगठित कर न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है, बल्कि उनकी निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ाया है। महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सोनी कुमारी ने कहा कि इन समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में वंचित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। मंच संचालक शालिनी साह ने रेखांकित किया कि जीविका का प्रभाव सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी इसके कारण सकारात्मक बदलाव आया है। बिहार महिला आयोग की सदस्य शीला टुडू ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सशक्तिकरण सबसे महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रेम प्रभात देवी, अंजनी देवी, यासमीन अंसारी, कल्पना कर्ण, पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत मंडल, सुड्डू साईं, संजय राम और संजीव चंद्रवंशी ने भी जीविका के 20 वर्षों के कार्यों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान जीविका के दो दशकों की सफलताओं और ग्रामीण क्षेत्रों में आए सामाजिक बदलावों पर गहन विमर्श किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अंजनी देवी, पार्वती देवी, रूबी देवी, ज्योति देवी, पूजा देवी, बबीता देवी, रुकसाना, दीपा देवी, सुनीता देवी, रूपा देवी, सुधा देवी, किरन देवी, रीना कुमारी, सीता देवी, काजल कुमारी, कहकशा खुर्शीद, सिमरण कुमारी, खुशबू कुमारी, मंजू देवी, पुंजलता देवी, सिमरण भारती, आनो देवी, करुणा देवी आदि शामिल हुईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर