home page

भगवान बुद्ध का शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत: नीतीश कुमार

 | 
भगवान बुद्ध का शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत: नीतीश कुमार


पटना, 26 जुलाई (हि.स.)। जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार काे वैशाली गढ़ पहुँचे, जहाँ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस यात्रा में विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ भी नीतीश कुमार के साथ थे।

इस दौरान नीतीश कुमार ने भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की तथा विश्वस्तरीय बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का भी अवलोकन किया।

साथ ही उन्होंने भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र स्थलों एवं उनकी स्मृतियों का दर्शन कर संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की जानकारी भी प्राप्त की। नीतीश कुमार के आगमन से कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी का अभिवादन स्वीकार करते हुए कार्यकर्ताओं से आत्मीय संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना।

मौके पर नीतीश कुमार ने कहा कि भगवान बुद्ध का शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उनकी शिक्षाएँ हमें सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि वैशाली की यह पावन धरती भगवान बुद्ध की अमूल्य विरासत की साक्षी रही है और इस धरोहर का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली परंपरा से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार का वैशाली की धरती से हमेशा एक विशेष जुड़ाव रहा है। वे समय-समय पर यहाँ आते हैं और इस क्षेत्र के विकास पर लगातार ध्यान देते रहे हैं। उनके नेतृत्व में वैशाली के विकास के लिए कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, जिनसे इस इलाके की तस्वीर बदली है और पर्यटन को भी नई पहचान मिली है।

उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार के करकमलों से ही गत वर्ष लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का लोकार्पण किया गया था। लगभग 72 एकड़ में विस्तृत यह भव्य परिसर आज वैशाली की नई पहचान बन चुका है। भगवान बुद्ध की विरासत को समर्पित यह विश्वस्तरीय परिसर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, शोधकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

इस अवसर पर विधायक सिद्धार्थ पटेल, वैशाली के जिलाध्यक्ष सुभाष चंद्र सिंह, विक्की कुशवाहा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी