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मोतीबाग कचरा डंपिंग पर एनजीटी की नजर, जांच टीम के सामने छलका ग्रामीणों का दर्द

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मोतीबाग कचरा डंपिंग पर एनजीटी की नजर, जांच टीम के सामने छलका ग्रामीणों का दर्द


किशनगंज, 20 अगस्त (हि.स.)। मोतीबाग कचरा डंपिंग मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) की टीम ने गुरुवार को कचरा डंपिंग स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।करीब दोपहर एक बजे पहुंची टीम ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और आसपास के लोगों से कचरा डंपिंग से होने वाली समस्याओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, प्रवीण कुमार, स्वच्छता निरीक्षक स्वरूपम राज, वार्ड पार्षद अरविंद मंडल, रमेश चौहान, संजय चौहान, दिलीप यादव सहित स्थानीय ग्रामीण, अधिकारी और कर्मी मौजूद थे। जांच टीम के समक्ष आसपास के लोगों ने कचरा डंपिंग से होने वाली परेशानियों को विस्तार से रखा। ग्रामीणों ने बताया कि डंपिंग स्थल से लगातार दुर्गंध आने के साथ कचरे में आग लगने पर धुआं आसपास के इलाकों में फैल जाता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों ने बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख करते हुए अपनी मेडिकल रिपोर्ट एवं चिकित्सकीय दस्तावेज भी जांच टीम को दिखाए।

स्थानीय लोगों ने आसपास के पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना था कि कचरा डंपिंग के कारण भूजल और आसपास के पेयजल स्रोत प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने पानी के नमूने की जांच कराने और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। कचरे में आग लगने की घटनाओं की भी जांच कराने की मांग ग्रामीणों ने की। कुछ लोगों ने कचरा डंपिंग के विरोध और समस्या को लेकर आवाज उठाने के दौरान नगर परिषद की ओर से उनके खिलाफ मुकदमा किए जाने की शिकायत भी टीम के समक्ष रखी।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की। यह निरीक्षण एनजीटी की ईस्टर्न जोन बेंच, कोलकाता द्वारा मूल आवेदन संख्या 100/2026/ईजेड, मोहम्मद अनसार खां बनाम बिहार राज्य मामले में पारित आदेश के तहत गठित संयुक्त जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। एनजीटी ने सीपीसीबी, बीएसपीसीबी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों वाली संयुक्त समिति को स्थल की जांच का निर्देश दिया है। अब मौके की स्थिति और ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर तैयार होने वाली जांच रिपोर्ट पर नजर है।मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को निर्धारित है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह