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नई शिक्षा नीति और संस्कार आधारित शिक्षा पर हुआ मंथन

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नई शिक्षा नीति और संस्कार आधारित शिक्षा पर हुआ मंथन


अररिया 11 जुलाई(हि.स.)।

फारबिसगंज के श्री रानी सरस्वती विद्या मंदिर में शनिवार को कक्षा अरुण से द्वितीय तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों की अभिभावक गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी में लगभग डेढ़ सौ अभिभावकों ने सहभागिता कर विद्यालय एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्णिया विभाग के निरीक्षक गणेश प्रसाद मौर्य एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा स्वागत गीत के साथ हुआ। अतिथियों का परिचय शिशु वाटिका प्रमुख नमिता वर्मा ने कराया।

प्रस्तावना उद्बोधन में विद्यालय के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार मिश्र ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिशु वाटिका खंड में क्रियात्मक एवं खेल-आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू की गई है, जिससे बच्चों में सहज, आनंददायक एवं प्रभावी अधिगम का वातावरण निर्मित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अभिभावक गोष्ठी विद्यालय और परिवार के बीच संवाद, सहयोग एवं विश्वास का सशक्त माध्यम है। शिक्षक और अभिभावक के संयुक्त प्रयास से ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होता है।

मुख्य अतिथि गणेश प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या भारती विश्व का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शैक्षणिक संगठन है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से संचालित होकर भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों का सामना करने के लिए बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कारों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने परिवार में घर का बना भोजन करने, जन्मदिन पर हवन कराने, दान देने तथा बड़ों का आशीर्वाद लेने जैसी भारतीय परंपराओं को बच्चों के संस्कार निर्माण का आधार बताया।

गोष्ठी में अभिभावक कुमार मृणाल, कृष्णा मेहरा, विवेक रंजन, मिंटी दत्ता सहित अन्य अभिभावकों ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए अपने सुझाव एवं विचार साझा किए। इसके बाद अभिभावकों के बीच रोचक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं अभिभावक रुपेश रमण ने अभिभावकों से प्रतिदिन बच्चों के साथ समय बिताने, उनकी पढ़ाई, व्यवहार एवं संस्कारों पर विशेष ध्यान देने तथा विद्यालय से निरंतर संवाद बनाए रखने का आग्रह किया।

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन शिशु मंदिर खंड के प्रधानाचार्य रामनरेश सिंह ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य श्रीप्रसाद राय, यशोधर झा, संतोष राय समेत विद्यालय के समस्त आचार्य बंधु भगिनी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर