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नदियों से निकलेगी गाद, चमकेगा हाईवे: बिहार सरकार और केंद्र के बीच 'नदी संजीवनी' एमओयू पर हस्ताक्षर

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नदियों से निकलेगी गाद, चमकेगा हाईवे: बिहार सरकार और केंद्र के बीच 'नदी संजीवनी' एमओयू पर हस्ताक्षर


भागलपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। बिहार में नदियों के पुनर्जीवन और सड़क निर्माण को अब एक नई दिशा मिलने जा रही है। राज्य के समग्र विकास और बेहतर जल प्रबंधन को लेकर मंगलवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की गई है। नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की गरिमामयी उपस्थिति तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच ‘नदी संजीवनी’ पहल को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस ऐतिहासिक समझौते की जानकारी देते हुए बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंजीनियर शैलेन्द्र ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। पथ निर्माण मंत्री इं. शैलेन्द्र ने योजना के दूरगामी फायदों की चर्चा करते हुए बताया कि इस पहल के तहत बिहार की नदियों और अन्य जलस्रोतों से गाद (सिल्ट) निकालकर उनकी जलधारण क्षमता को बेहतर बनाया जाएगा। इससे राज्य को हर साल होने वाली बाढ़ की विभीषिका से बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, नदियों से निकाली गई गाद एवं अन्य उपयुक्त सामग्री का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ निर्माण संसाधनों की भी बचत होगी।

मंत्री ने आगे कहा कि यह अनूठी पहल बाढ़ प्रबंधन, जलस्रोतों के संरक्षण और सड़क निर्माण के लिए आवश्यक संसाधनों के बेहतर उपयोग को एक साथ जोड़ती है। इससे नदियों के इकोसिस्टम को बचाने के साथ-साथ बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर (आधारभूत संरचना) के विकास को भी एक नई और तीव्र गति मिलेगी। नदियों के प्राकृतिक संसाधनों का सही और वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर जल प्रबंधन को मजबूत करना और विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाना समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में एक बड़ा और सार्थक कदम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर