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नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस पर किसानों को किया गया जागरूक

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नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस पर किसानों को किया गया जागरूक


बक्सर, 11 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 45वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को संयुक्त कृषि भवन, बक्सर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जिले के कृषि, बागवानी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के वरीय अधिकारियों सहित बीटीएम, एटीएम, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) एवं प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) नाबार्ड आनंदवर्धन, जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा धर्मेन्द्र कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र प्रधान डॉ. देवकरण, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक आत्मा तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीडीएम बक्सर आनंदवर्धन ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नाबार्ड की अब तक की यात्रा पर प्रकाश डाला।

उन्होंने जिले में नई तकनीक के प्रयोग, कृषि मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) के विकास तथा जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह (ग्राउंड लेवल क्रेडिट) को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

वही जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने नाबार्ड के साढ़े चार दशक पूर्ण होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कृषि एवं ग्रामीण विकास में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने एटीएम एवं बीटीएम के माध्यम से किसानों के बीच जागरूकता उत्पन्न कर जिले के साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) में सुधार लाने पर भी बल दिया।

जबकि कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर के प्रधान डॉ. देवकरण ने कहा कि बक्सर जिले में कृषि विकास की अपार संभावनाएं हैं तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय (कन्वर्जेंस) स्थापित कर कुछ प्रतिरूप (मॉडल) विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें आगे और बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं किसानों ने आपस में विचारों का आदान-प्रदान करते हुए जिले में कृषि, आजीविका एवं उद्यम विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

कार्यक्रम के समापन पर सभी ने भविष्य में भी नाबार्ड द्वारा ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra