आरक्षण, भूमि और विकास के मुद्दों पर जवाब दें सांसद: भाई ताराचंद
किशनगंज, 15 जुलाई (हि.स.)। सूरजापुरी विकास मोर्चा के अध्यक्ष भाई ताराचंद ने क्षेत्रीय सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद के संस्कृत संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि उनके वक्तव्य से संस्कृत भाषा और उससे जुड़े लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। @भाई ताराचंद ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि संस्कृत भारत की प्राचीन शास्त्रीय भाषा है, जिसने देश की ज्ञान परंपरा, दर्शन, साहित्य और धार्मिक ग्रंथों को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं और बोलियों पर संस्कृत का व्यापक प्रभाव रहा है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्दू भी भारत की सम्मानित भाषा है और उसका पूरा सम्मान होना चाहिए, लेकिन किसी एक भाषा के सम्मान के नाम पर दूसरी भाषा का अपमान करना उचित नहीं है।
उन्होंने सांसद से भाषाई विवादों से ऊपर उठकर अपने संसदीय क्षेत्र की मूल समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से कई महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान की प्रतीक्षा कर रही है, जिन पर जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
भाई ताराचंद ने सूरजापुरी मुस्लिम बिरादरी को आरक्षण का लाभ दिलाने, भूमिहीन परिवारों के बीच सरकारी भूमि का वितरण, लाल कार्डधारियों की समस्याओं के समाधान, भूदान और सेहरात की भूमि के उपयोग, नदी के छार की जमीन तथा सीमा क्षेत्र के नो-मैन्स-लैंड की भूमि के प्रभावी उपयोग जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर सांसद को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में हजारों एकड़ भूमि ऐसी है, जिसका लाभ पात्र सूरजापुरी हिंदू, मुसलमान, दलित और आदिवासी परिवारों तक पहुंचाया जा सकता है, लेकिन अब तक अपेक्षित पहल नहीं हो सकी है। इससे जरूरतमंद परिवार लंबे समय से वंचित हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

