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(संशोधित) मानसून से पहले बिहार सरकार सतर्क, सुपौल समेत बाढ़ प्रभावित जिलों को अलर्ट पर रहने का निर्देश

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(संशोधित) मानसून से पहले बिहार सरकार सतर्क, सुपौल समेत बाढ़ प्रभावित जिलों को अलर्ट पर रहने का निर्देश


सुपौल, 21 मई (हि.स.)। बिहार में मानसून के आगमन से पहले सरकार ने बाढ़ और सुखाड़ को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को राज्य स्तर पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन किया गया।

यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई, जिसमें राज्य के बाढ़ एवं सुखाड़ प्रभावित जिलों के अधिकारी जुड़े।बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। इस दौरान मौसम विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, कृषि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और पशु संसाधन विभाग समेत कई विभागों ने अपनी-अपनी तैयारियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। समीक्षा के दौरान तटबंधों की मजबूती, राहत शिविरों की तैयारी, दवाइयों की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था और पशुओं के लिए चारे की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सुरक्षात्मक कार्य मानसून शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

जिला मुख्यालय से इस बैठक में जिलाधिकारी सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक सरथ आर एस, उप विकास आयुक्त सारा असरफ सहित आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं जल संसाधन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद सुपौल प्रशासन ने भी जिले के सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश जारी किया है। अधिकारियों से कहा गया है कि बाढ़ पूर्व तैयारियों की लगातार निगरानी की जाए और जमीनी स्तर पर सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं, ताकि संभावित आपदा के दौरान जान-माल की क्षति को न्यूनतम रखा जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी