छह माह से लापता युवक को सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव ने परिवार से मिलाया
अररिया, 09 मार्च(हि.स.)। फारबिसगंज में मानवता और इंसानियत की एक मिसाल उस समय देखने को मिली,जब सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव की पहल से छह माह से लापता एक युवक अपने परिवार से मिल सका। जानकारी के अनुसार,जमुई जिले का निवासी विनोद तुड़ी पिछले छह महीने से घर से लापता था और उसका मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक नहीं बताया जा रहा था। परिवार के लोग लंबे समय से उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
शनिवार की रात करीब 11 बजे फारबिसगंज के बथनाहा फोरलेन सड़क किनारे एक युवक को सोए हुए अवस्था में देखकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव की नजर उस पर पड़ी। संदिग्ध स्थिति में सड़क किनारे सोए युवक को देखकर उन्होंने मानवीय संवेदना दिखाते हुए उससे बातचीत की और उसके बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम विनोद तुड़ी बताया और अपने घर का पता जमुई जिला बताया। युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए प्रभात यादव उसे अपने घर ले आए और उसे भोजन,रहने की व्यवस्था तथा जरूरी देखभाल उपलब्ध कराई। प्रभात यादव ने न केवल उसे सुरक्षित स्थान दिया बल्कि दो दिनों तक अपने घर पर रखकर उसकी सेवा भी की और उसके परिवार तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया।
इसी दौरान उन्होंने जमुई जिले के लोगों से संपर्क साधा तथा सहरसा विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता और जमुई के सामाजिक कार्यकर्ता अनुराग कुमार सिंह से संपर्क कर युवक के बारे में जानकारी साझा की। इसके बाद युवक के परिजन तक सूचना पहुंची। सूचना मिलने के बाद रविवार को युवक के पिता गुली तुडी फारबिसगंज पहुंचे और अपने बेटे को सकुशल देखकर भावुक हो उठे। प्रभात यादव ने पूरे सम्मान के साथ विनोद तुड़ी को उसके पिता के सुपुर्द कर विदाई दी।
बेटे को वापस पाकर पिता ने प्रभात यादव का आभार जताते हुए कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो पता नहीं उनके बेटे का क्या होता। स्थानीय लोगों ने भी प्रभात यादव की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहां लोग अनजान व्यक्ति की मदद करने से कतराते हैं, वहीं प्रभात यादव ने मानवता का परिचय देते हुए एक परिवार को उसकी खोई हुई खुशी वापस दिलाने का काम किया है। प्रभात यादव ने कहा कि समाज में मानवता सबसे बड़ा धर्म है और यदि कोई व्यक्ति असहाय अवस्था में मिलता है तो उसकी मदद करना हर इंसान का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि अगर समाज के लोग मिलकर ऐसे लोगों की मदद करें तो कई परिवारों को उनकी खोई हुई खुशियां वापस मिल सकती हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

