काली पूजा से पहले शिक्षकों के वेतन और एमडीएम वेंडरों के भुगतान के लिए संघ ने सौंपा ज्ञापन
भागलपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)।जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में शिक्षकों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता एवं जिला सचिव श्याम नंदन सिंह ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों से मुलाकात की और शिक्षकों और स्कूलों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निष्पादन का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की मुस्तैदी से काली पूजा के पावन त्योहार से पहले शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान हो जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले मध्याह्न भोजन योजना कार्यालय का रुख किया। वहां उन्होंने वेंडरों के लंबे समय से बकाया भुगतानों को जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने आश्वासन देते हुए कहा कि कुछ बिल कार्यालय को प्राप्त हुए हैं, जिनकी समीक्षा की जा रही है। जांच में कोई त्रुटि न मिलने पर बिलों को लॉट में भुगतान के लिए तुरंत भेजा जाएगा। शिक्षक वेतन भुगतान मेकर एवं चेकर आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। कार्यालय में फाइलों की जांच जारी है। तकनीकी प्रक्रिया और जांच कार्य को युद्धस्तर पर पूरा कर जल्द भुगतान का प्रयास है। संघ के नेताओं ने कहा कि वेंडरों का भुगतान समय पर होना बेहद जरूरी है, ताकि स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में कोई रुकावट न आए और बच्चों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बाद संघ के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी महेश प्रसाद सिंह से मुलाकात की और शिक्षकों के रुके हुए वेतन को लेकर चिंता जताई। मुलाकात के दौरान वेतन न मिलने का मुख्य कारण तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया का धीमा होना सामने आया। अधिकारियों के मुताबिक, मेकर एवं चेकर की आईडी अभी तक तैयार नहीं हो पाई है, जिसे बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हालांकि, विभाग की ओर से वेतन खाते में आने की कोई निश्चित तारीख या ठोस समय-सीमा नहीं बताई गई है। वर्तमान में कार्यालय के सभी कर्मी संबंधित मामलों और कागजातों की जांच में व्यस्त हैं। जांच पूरी होने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता और जिला सचिव श्याम नंदन सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि काली पूजा का त्योहार नजदीक है। शिक्षक अपने परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महीनों से वेतन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी तकनीकी और जांच प्रक्रियाओं को युद्धस्तर पर पूरा करना चाहिए, ताकि त्योहार से पहले शिक्षकों के घरों में खुशियां आ सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

