विक्रमशिला पुल की मरम्मत से बढ़ा संकट: बियाडा गंगा घाट पर उमड़ा जनसैलाब, क्रूज बना सहारा
भागलपुर, 07 अक्टूबर (हि.स.)। विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य शुरू होने और आगामी तीन महीनों के लिए भारी वाहनों के परिचालन पर लगी आंशिक रोक के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए बियाडा गंगा घाट मुख्य लाइफलाइन बन गया है।
बुधवार सुबह से ही घाट पर मेले जैसा नजारा देखा गया, जहां गंतव्य तक पहुंचने के लिए हजारों यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सड़क मार्ग बाधित होने के कारण यात्रियों के पास नदी मार्ग ही एकमात्र विकल्प बचा है।
बुधवार सुबह 8:30 बजे तक बियाडा घाट से तीन बड़े जलयानों को नवगछिया के जहान्वी चौक के लिए रवाना किया गया। बियाडा घाट से जहान्वी चौक तक का यह सफर महज 15 मिनट का है, लेकिन घाट पर यात्रियों की अत्यधिक तादाद होने के कारण लोगों को नाव और क्रूज पर सवार होने के लिए घंटों लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों में महिलाएं, बच्चे और दैनिक कामकाजी लोग शामिल हैं, जिन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं घाटों पर बढ़ती भीड़ के बीच जल संसाधन विभाग की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
जिले के इस्माईलपुर बिंदु पर गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर क्रूज और नावों का परिचालन जारी है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने घाटों पर सुरक्षा बलों की तैनाती और बैरिकेडिंग दुरुस्त करने की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, विक्रमशिला पुल के बियरिंग और अन्य तकनीकी हिस्सों की मरम्मत का काम बेहद जरूरी था, जिसमें कम से कम तीन महीने का समय लगेगा। जब तक पुल पूरी तरह चालू नहीं होता, तब तक बियाडा घाट पर यातायात का यही दबाव बने रहने की आशंका है। जिला प्रशासन ने नाव ऑपरेटरों को ओवरलोडिंग न करने और सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

