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मखाना अब मिथिला की आर्थिक शक्ति बनकर उभर रहा है : डॉ. मनोज कुमार

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मखाना अब मिथिला की आर्थिक शक्ति बनकर उभर रहा है : डॉ. मनोज कुमार


दरभंगा, 16 मई (हि.स.)।

राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा में भारतीय गुणवत्ता परिषद् के प्रतिनिधिमंडल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार के बीच मखाना क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय वृद्धि तथा गुणवत्ता आधारित मूल्य श्रृंखला विकसित करने को लेकर विस्तृत बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मखाना उत्पादों के लिए वैज्ञानिक गुणवत्ता मानकीकरण ढाँचा विकसित करने, किसानों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा उत्पादन में यांत्रिकीकरण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही निर्यात के दौरान गुणवत्ता अस्वीकृति को कम करने तथा बेहतर गुणवत्ता के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।

डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों, सकारात्मक सरकारी नीतियों तथा प्रसंस्करण एवं बाजार विस्तार के कारण मखाना क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि मखाना अब केवल पारंपरिक फसल नहीं रह गया है, बल्कि मिथिला की आर्थिक शक्ति बनकर उभर रहा है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

उन्होंने सुझाव दिया कि किसानों को संस्थागत ऋण तक सरल पहुँच उपलब्ध कराई जाए, ताकि छोटे एवं सीमांत कृषक भी आधुनिक उत्पादन एवं प्रसंस्करण प्रणाली से जुड़ सकें। साथ ही गुणवत्ता आधारित मूल्य श्रृंखला में किसानों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने, बिचौलियों की भूमिका कम करने तथा किसानों को अधिक लाभ उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।

भारतीय गुणवत्ता परिषद् के प्रतिनिधि शिवम शुक्ला एवं मोहम्मद सलीम ने मखाना क्षेत्र में हो रहे वैज्ञानिक एवं संस्थागत प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्ता आधारित विकास मॉडल और किसान केंद्रित मूल्य श्रृंखला के माध्यम से मखाना कृषकों की आय में और अधिक वृद्धि संभव है।

भारतीय गुणवत्ता परिषद् देश में गुणवत्ता संवर्धन, मानकीकरण, प्रमाणन तथा गुणवत्ता आधारित विकास प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से कार्य करने वाली प्रमुख संस्था है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra