टीएमबीयू का बड़ा फैसला, स्वीकृत पद नहीं होने पर तीन कॉलेजों के 58 शिक्षक और कर्मचारी सेवा से विमुक्त
भागलपुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)।तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन ने एक कड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए चतुर्थ चरण के अंगीभूत महाविद्यालयों से जुड़े 58 शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से विमुक्त कर दिया है। विश्वविद्यालय के इस कड़े रुख से पूरे परिसर और संबंधित कॉलेजों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने 6 दिसंबर 2025 को जारी कार्यालय आदेश संख्या 278/2025 को पूर्व प्रभाव से वापस ले लिया है। इसके साथ ही, पूर्व में 18 जनवरी 2023 को जारी की गई अधिसूचना संख्या 120/2023 को पुनः प्रभावी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई बगैर स्वीकृत व अनुशंसित पदों पर की गई नियुक्तियों को लेकर हुई है। जांच में तीन अंगीभूत महाविद्यालयों में कुल 58 कर्मियों की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध और बिना स्वीकृत पदों के पाई गई थी। सेवा से हटाए गए इन कर्मियों में शिक्षक, तृतीय श्रेणी (थर्ड ग्रेड) और चतुर्थ वर्गीय (फोर्थ ग्रेड) कर्मचारी शामिल हैं। कुलपति के आदेश पर रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना वैध और अनुशंसित पदों के कार्य कर रहे इन सभी 58 कर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त मानी जाएगी। विश्वविद्यालय के इस फैसले के बाद प्रभावित कॉलेजों के शिक्षक और कर्मचारी संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

