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लोक शिकायत मामलों की सुनवाई में डीएम सख्त, अनुपस्थित रहने पर नगर पंचायत पिपरा के ईओ पर जुर्माना

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लोक शिकायत मामलों की सुनवाई में डीएम सख्त, अनुपस्थित रहने पर नगर पंचायत पिपरा के ईओ पर जुर्माना


लोक शिकायत मामलों की सुनवाई में डीएम सख्त, अनुपस्थित रहने पर नगर पंचायत पिपरा के ईओ पर जुर्माना


सुपौल, 26 मई (हि.स.)। जिलाधिकारी सावन कुमार ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत दायर द्वितीय अपील मामलों की सुनवाई की। इस दौरान कुल 13 मामलों पर सुनवाई की गई, जिनमें से 5 मामलों का मौके पर निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष 8 मामलों की अगली सुनवाई के लिए 2 जून 2026 की तिथि निर्धारित की गई। सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे और लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर जिलाधिकारी ने कई आवश्यक निर्देश दिए।

लोक शिकायत निवारण व्यवस्था को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बताते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम लोगों की शिकायतों का निष्पादन समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जुड़ी शिकायतों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंगलवार को आयोजित सुनवाई में अंचल अधिकारी सुपौल तथा नगर परिषद सुपौल के कार्यपालक पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित हुए। वहीं अंचल अधिकारी निर्मली और राघोपुर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए। सभी अधिकारियों से संबंधित मामलों की प्रगति रिपोर्ट ली गई तथा शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

सुनवाई के दौरान कई मामलों में जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण, शहरी क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं और राजस्व संबंधी समस्याओं पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में जांच या प्रतिवेदन लंबित है, उन्हें जल्द पूरा कर अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।

इस दौरान नगर पंचायत पिपरा के कार्यपालक पदाधिकारी की अनुपस्थिति को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। बताया गया कि संबंधित पदाधिकारी न तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और न ही व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में उपस्थित हुए। उनकी अनुपस्थिति के कारण उनसे संबंधित मामले की सुनवाई नहीं हो सकी, जिससे शिकायतकर्ता को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जिलाधिकारी सावन कुमार ने इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए नगर पंचायत पिपरा के कार्यपालक पदाधिकारी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया कि अगली निर्धारित तिथि 2 जून 2026 को स्वयं उपस्थित होकर मामले से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत होने वाली सुनवाई में किसी भी अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।

सूत्रों के अनुसार, सुनवाई में आए कई शिकायतकर्ताओं ने प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी और विभागीय उदासीनता की शिकायत भी की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम नागरिकों को समय पर न्याय और सुविधा मिले तथा शिकायतों के निष्पादन में पारदर्शिता बनी रहे।

लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत आयोजित इस तरह की सुनवाई को लेकर आम लोगों में भी भरोसा बढ़ रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई होने पर संतोष भी जताया। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि नियमित सुनवाई से लंबित मामलों में तेजी आएगी और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार होगा।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पूर्व लंबित मामलों की अद्यतन रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में विभागीय स्तर पर समाधान संभव है, उन्हें बिना देरी के निष्पादित किया जाए ताकि शिकायतकर्ताओं को शीघ्र राहत मिल सके। प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि भविष्य में सुनवाई से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र