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बच्चों के शोषण और बाल विवाह पर कानून सख्त, स्कूलों में चल रहा सुरक्षित बचपन अभियान

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बच्चों के शोषण और बाल विवाह पर कानून सख्त, स्कूलों में चल रहा सुरक्षित बचपन अभियान


किशनगंज, 28 अक्टूबर (हि.स.)। बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और बाल शोषण जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), किशनगंज की ओर से सुरक्षित बचपन अभियान चलाया जा रहा है।

इसके तहत जिले के चिन्हित विद्यालयों में प्रतिदिन विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान आगामी 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। शिविरों में छात्र-छात्राओं को बाल संरक्षण कानून, बाल विवाह, बाल श्रम, पॉक्सो एक्ट और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को नेशनल उच्च विद्यालय, सेंट जेवियर्स इंग्लिश मीडियम स्कूल और बाल मंदिर विद्यालय, किशनगंज में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों में न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, शिक्षकों, संबंधित विभागों के संसाधन व्यक्तियों और पारा विधिक स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। बाल मंदिर विद्यालय में आयोजित शिविर में न्यायिक पदाधिकारियों और विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधियों ने बच्चों को सरल भाषा में उनके अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक गरिमा और शोषण एवं हिंसा से मुक्त जीवन का अधिकार है।

बच्चों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार उनके शारीरिक और मानसिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।इसलिए परिवार, विद्यालय और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए। शिविरों में विद्यार्थियों को बताया गया कि बाल विवाह, बाल श्रम, यौन उत्पीड़न और साइबर अपराध जैसी समस्याओं के सामने आने पर चुप रहने के बजाय उचित सहायता लेनी चाहिए।

बच्चों को यह भी समझाया गया कि जरूरत पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। आपातकालीन परिस्थितियों में मदद के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रमों में डीएलएसए सचिव ओम शंकर सहित विभिन्न न्यायिक पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता, शिक्षक और पारा विधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। अभियान का उद्देश्य बच्चों को जागरूक बनाकर उनके अधिकारों की रक्षा करना और सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करना है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह