ललितग्राम में बनेगा आधुनिक रेलवे वाशिंग पिट, कोसी क्षेत्र को मिलेगी नई रेल सुविधा
सुपौल, 27 मई (हि.स.)। जिले के ललितग्राम में बुधवार को रेलवे विकास की दिशा में एक बड़ी पहल की गई। लंबे समय से प्रस्तावित रेलवे वाशिंग पिट परियोजना का शिलान्यास सांसद दिलेश्वर कामैत और विधायक नीरज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
करीब 31.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को कोसी क्षेत्र के रेल ढांचे के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
शिलान्यास कार्यक्रम में रेलवे के सहायक डीआरएम संजय सिंह समेत कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक सम्मान समारोह से हुई, जहां रेलवे अधिकारियों ने सांसद और विधायक को शॉल व पाग भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि ललितग्राम में रेलवे की लगभग 70 एकड़ जमीन वर्षों से खाली पड़ी थी। स्थानीय लोग लगातार यहां किसी बड़े रेलवे प्रोजेक्ट की मांग कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासियों की मांग को रेल मंत्रालय तक पहुंचाया गया, जिसके बाद इस परियोजना को मंजूरी मिली।सांसद ने कहा कि कोसी क्षेत्र में नई ट्रेनों के विस्तार में वाशिंग पिट की कमी बड़ी बाधा थी। रेल मंत्री अश्विनी वैभव से मुलाकात के बाद ललितग्राम में इस आधुनिक सुविधा के निर्माण का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने इसे पूरे कोसी और मिथिला क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
जानकारी के अनुसार यहां आधुनिक तकनीक से लैस वाशिंग पिट तैयार किया जाएगा, जहां ट्रेनों की धुलाई के साथ-साथ तकनीकी जांच और रखरखाव की सुविधा भी उपलब्ध होगी। परियोजना के तहत सीट लाइन, स्टेबल लाइन और अन्य रेल सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद दूर-दराज से आने वाली ट्रेनों की सफाई और मेंटेनेंस का काम स्थानीय स्तर पर हो सकेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि वाशिंग पिट बनने से नई ट्रेनों के परिचालन का रास्ता खुलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही उन्होंने वीरपुर तक रेलवे लाइन विस्तार और रेलवे की खाली भूमि पर उद्योग स्थापित करने की मांग भी उठाई।
सांसद ने अपने संबोधन में कोसी क्षेत्र के पुराने रेल इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1934 के भूकंप और 2008 की कोसी त्रासदी के बाद यहां की रेल व्यवस्था को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन अब केंद्र सरकार लगातार रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना के तहत तीन ट्रैक विकसित किए जाएंगे। इनमें एक ट्रैक ट्रेनों की धुलाई के लिए होगा, जबकि अन्य ट्रैक तकनीकी जांच और रखरखाव के लिए उपयोग किए जाएंगे। निर्माण कार्य को लगभग डेढ़ वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि वाशिंग पिट परियोजना शुरू होने से कोसी क्षेत्र में रेलवे सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा और आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

