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बक्सर में 44.2 मिमी वर्षा दर्ज, किसानों को धान रोपनी व खरीफ फसलों की बुआई की सलाह

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बक्सर में 44.2 मिमी वर्षा दर्ज, किसानों को धान रोपनी व खरीफ फसलों की बुआई की सलाह


Bihar, 09 जुलाई (हि.स.)। कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), बक्सर की वर्षामापी में गुरुवार को 44.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। केन्द्र ने भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर बताया कि 09 से 12 जुलाई तक जिले में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

वर्तमान मौसम को देखते हुए केवीके ने किसानों के लिए खरीफ फसलों की बुआई और धान की रोपनी संबंधी महत्वपूर्ण कृषि सलाह जारी की है।

केवीके ने दियारा एवं ऊंचे क्षेत्रों में अरहर, उर्द, मक्का, मड़ुआ, सांवा और तिल की बुआई करने की सलाह दी है। साथ ही किसानों से धान की सीधी बुआई (डीएसआर) तकनीक अपनाने का आग्रह किया गया है, जिससे पानी, समय और ईंधन की बचत के साथ लागत भी कम होती है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में स्वर्ण श्रेया, स्वर्ण समृद्धि, राजेन्द्र स्वेता सहित 110-125 दिनों वाली तथा संकर धान की किस्मों के चयन की भी अनुशंसा की गई है।

कृषि विज्ञान केन्द्र ने बताया कि बक्सर, इटाढ़ी, नवानगर, राजपुर, केसठ, चौगाई और ब्रह्मपुर प्रखंडों के जिन किसानों ने अभी तक धान की रोपनी शुरू नहीं की है, वे एमटीयू-7029, बीपीटी-5204 और सम्पूर्णा जैसी किस्मों की शीघ्र रोपाई करें।

साथ ही खेत की मेड़ों को 75 सेंटीमीटर ऊंचा और 45 सेंटीमीटर चौड़ा रखने तथा रोपनी के बाद खेत में 3 से 4 इंच पानी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि जल संरक्षण, खरपतवार नियंत्रण और फसल की बेहतर बढ़वार सुनिश्चित हो सके।

कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर के वैज्ञानिकों ने कहा कि, वर्तमान वर्षा की स्थिति खरीफ फसलों की बुआई और धान की रोपनी के लिए अनुकूल है। किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उन्नत किस्मों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन एवं कम लागत का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra