कोसी पुनर्वासित परिवारों का प्रदर्शन, बेदखली नोटिस वापस लेने और भूमि अधिकार की उठाई मांग
सुपौल, 04 अगस्त (हि.स.)। जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज के समीप मंगलवार को कोसी परियोजना से प्रभावित एवं पुनर्वासित परिवारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया।
आयोजकों के अनुसार जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस आंदोलन में शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता समाजसेवी लव यादव ने की।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कोसी त्रासदी के बाद जिन परिवारों का पुनर्वास किया गया था, वे कई दशकों से संबंधित क्षेत्रों में रह रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से भूमि विवाद और होल्डिंग से जुड़े मामलों का हवाला देकर उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं तथा भूमि खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत से बनाए गए आशियानों को उजाड़ने का प्रयास न्यायसंगत नहीं है। धरने के दौरान महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। शैतून खातून ने कहा कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां इसी क्षेत्र में रह रही हैं, लेकिन अब अचानक घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्णय लेने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए लव यादव ने कहा कि पुनर्वासित परिवार लंबे समय से भूमि अधिकार, स्थायी बसावट और मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित किया गया है।
धरना स्थल पर मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी पुनर्वासित परिवारों को भूमि का वैध अधिकार देने, होल्डिंग संबंधी विवादों का समाधान करने, बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि वर्षों से बसे परिवारों के साथ न्याय होना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के नाम मांगपत्र सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन की ओर से पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

