कोशी कमिश्नरी का पहला स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र सुपौल में चालू
सुपौल, 05 अप्रैल (हि.स.)। वाहनों के फिटनेस परीक्षण के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित आधुनिक स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) की शुरुआत 25 मार्च से सुपौल जिले के हटवरिया में की गई है। जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर सुपौल–सिंहेश्वर पथ पर स्थापित यह केंद्र कोशी कमिश्नरी का पहला तथा बिहार का सातवां एटीएस है। करीब छह करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र से सुपौल, सहरसा और मधेपुरा के साथ-साथ मधुबनी, अररिया और पूर्णिया जिले के वाहन मालिकों को भी लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के निर्देश और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मानकों के अनुरूप स्थापित इस केंद्र का संचालन जय शिव कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक मशीनों की मदद से वाहनों की फिटनेस जांच की जाती है, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और तकनीक आधारित हो गई है। हालांकि जागरूकता और जानकारी के अभाव में शुरुआती दौर में प्रतिदिन केवल चार से पांच कॉमर्शियल वाहनों की ही फिटनेस जांच हो पा रही है।
जय शिव कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर सुजीत कुमार ने बताया कि कोशी कमिश्नरी में यह पहला एटीएस होने के कारण आसपास के जिलों से भी कॉमर्शियल वाहन फिटनेस जांच के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
स्वचालित परीक्षण स्टेशन एक आधुनिक प्रणाली है, जहां वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह मशीन आधारित और मानकीकृत तरीके से की जाती है। इसमें ब्रेक सिस्टम, हेडलाइट एलाइन्मेंट, सस्पेंशन, व्हील एलाइनमेंट, साइड स्लिप, स्पीडोमीटर और प्रदूषण स्तर सहित कई तकनीकी मानकों की जांच की जाती है। इससे फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनती है। सुपौल के अलावा बिहार के पटना, भागलपुर, वैशाली, नालंदा, रोहतास और दरभंगा में एटीएस पहले से संचालित हैं। कोशी क्षेत्र में एटीएस नहीं होने के कारण वाहन मालिकों को पहले फिटनेस जांच के लिए दरभंगा या भागलपुर जाना पड़ता था, लेकिन सुपौल में इसकी शुरुआत होने से आसपास के जिलों के वाहन मालिकों को अब सुविधा मिल सकेगी।
एटीएस के संचालन से व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। दोषपूर्ण वाहनों की पहचान आसान होने से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही बस, ट्रक, टैक्सी और मालवाहक वाहनों के संचालन में भी सहूलियत मिलेगी। जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सज्जन ने वाहन मालिकों से समय पर फिटनेस जांच कराने और प्रमाण-पत्र की वैधता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिना वैध फिटनेस के वाहन चलाना कानूनन अपराध है। विभाग द्वारा एटीएस की नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि जांच प्रक्रिया केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के अनुरूप संचालित हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

