नेपाल में बारिश से कोसी बराज पर जलप्रवाह में तेजी, दो घंटे में करीब 7 हजार क्यूसेक पानी बढ़ा
सुपौल, 30 जून (हि.स.)। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर कोसी नदी पर दिखने लगा है। मंगलवार को कोसी बराज पर जलप्रवाह में तेजी दर्ज की गई। दो घंटे के भीतर नदी के डिस्चार्ज में करीब सात हजार क्यूसेक की वृद्धि हुई, जिससे प्रशासन और जल संसाधन विभाग की सतर्कता बढ़ गई है।
कोसी बराज कंट्रोल रूम से जारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह 10 बजे बराज से कुल 91,945 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। वहीं, दोपहर 12 बजे यह बढ़कर 98,900 क्यूसेक पहुंच गया। यानी महज दो घंटे में जलप्रवाह में 6,955 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी कोसी मुख्य नहर (ईकेएमसी) और पश्चिमी कोसी मुख्य नहर (डब्ल्यूकेएमसी) में फिलहाल पानी का प्रवाह शून्य है। पूरा पानी सीधे डाउन स्ट्रीम की ओर छोड़ा जा रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष भी कोसी नदी का जलस्तर अधिक बना हुआ है। 30 जून 2025 को सुबह 10 बजे कोसी बराज पर 80 हजार क्यूसेक और दोपहर 12 बजे 83,125 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। इसके मुकाबले इस वर्ष समान समय पर जलप्रवाह क्रमशः करीब 12 हजार और 16 हजार क्यूसेक अधिक रहा।हालांकि वर्तमान डिस्चार्ज खतरे के स्तर से नीचे है, लेकिन नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर सीमांचल और कोसी क्षेत्र के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में करीब 99 हजार क्यूसेक का डिस्चार्ज तत्काल बाढ़ की स्थिति पैदा करने वाला नहीं है। हालांकि, नेपाल में लगातार बारिश जारी रहने और अगले कुछ दिनों में जलप्रवाह में और वृद्धि होने पर सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया और खगड़िया जिले के निचले एवं तटवर्ती इलाकों में नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इससे कटाव प्रभावित क्षेत्रों में दबाव बढ़ने, दियारा इलाकों में पानी फैलने तथा निचले क्षेत्रों में जलजमाव की आशंका बढ़ सकती है। प्रशासन ने कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखी है।
नदी किनारे और तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

