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पीएम किसान सम्मान निधि के तहत बिहार के 73 लाख से अधिक किसानों के खाते में 1,476 करोड़ रुपये हस्तांतरित

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पीएम किसान सम्मान निधि के तहत बिहार के 73 लाख से अधिक किसानों के खाते में 1,476 करोड़ रुपये हस्तांतरित


पटना, 30 अक्टूबर (हि.स.)।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित ज्ञान भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात के बनासकांठा में आयोजित प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर गुजरात के बनासकांठा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की। इसके तहत बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के खाते में 1,476 करोड़ रुपये की सम्मान राशि सीधे भेजी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि कैसे हो और उन्हें खेती से अधिक से अधिक लाभ कैसे मिले, इसके लिए बिहार सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए प्रति किसान 7,000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। कृषि इनपुट सब्सिडी के माध्यम से भी 270 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले दो दिनों में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को चिह्नित करें तथा उन्हें मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पहली बार टाल और दियारा क्षेत्रों को व्यवस्थित करने के लिए गाद प्रबंधन नीति बनाकर खेती को सुचारू बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। नेपाल की तराई से आने वाले पानी के साथ बड़ी मात्रा में गाद आने से किसानों को खेती में परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए गाद हटाने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। सभी जिलाधिकारियों एवं आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया गया है कि बालू और गाद के कारण किसानों को होने वाली परेशानियों का समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की 76 प्रतिशत से अधिक आबादी की आजीविका कृषि पर निर्भर है। किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनकी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम०एस०पी०) से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने तथा एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। गन्ने के साथ-साथ अनाज के छोटे-छोटे टुकड़ों से भी एथेनॉल उत्पादन की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध करायी जा रही है। कृषि फीडरों को शत प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी काम हो रहा है। कृषि फीडरों के लिए सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 5,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने और किसानों को खुशहाल करने के लिए जैविक खेती, ग्रीन एनर्जी तथा जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में जीविका दीदियों ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बाजार तैयार किया है। राज्य में 50 लाख महिलाओं को पशु सखी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 32 लाख पशु सखियां बनाई जा चुकी हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ पशुपालन और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में दूध उत्पादन को बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में दूध का उत्पादन 25 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 32 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त की राशि हस्तांतरित किए जाने पर देश के सभी किसान भाइयों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार प्रत्येक माह की 10 तारीख को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि लाभुकों के खाते में भेजती है, उसी प्रकार किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी