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जंगलराज से विकासराज तक की यात्रा, निवेश और रोजगार के नए अवसर बने पहचान: संजय सरावगी

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जंगलराज से विकासराज तक की यात्रा, निवेश और रोजगार के नए अवसर बने पहचान: संजय सरावगी


जंगलराज से विकासराज तक की यात्रा, निवेश और रोजगार के नए अवसर बने पहचान: संजय सरावगी


पटना, 02 अगस्त (हि.स.)। श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में कानू-हलवाई विचार मंच एवं बंसी चाचा सामाजिक विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 100 दिन के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह में बिहार के विभिन्न जिलों से आए लगभग 10 हजार लोगों की सहभागिता रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने 100 दिनों के कार्यकाल में विकास, सुशासन और जनसेवा का नया अध्याय लिखा है।

उन्होंने कहा कि कानू-हलवाई समाज, अति पिछड़ा समाज और वैश्य समाज की जितनी चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार की एनडीए सरकार ने की है, उतनी किसी अन्य सरकार ने नहीं की।

पंचायतों, नगर निकायों और सरकारी नौकरियों में अति पिछड़े समाज की भागीदारी बढ़ाना एनडीए सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि आज समाज के लोग निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनकर विकास की मुख्यधारा का नेतृत्व कर रहे हैं।

संजय सरावगी ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और व्यापारी वर्ग भय के माहौल में जीवन व्यतीत करता था। एनडीए सरकार ने अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर बिहार में विश्वास का वातावरण बनाया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार निवेश और औद्योगिक विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। बड़े उद्योग समूहों द्वारा राज्य में हजारों करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा इस बदलते बिहार का प्रमाण है। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पलवैया धाम के समग्र विकास के लिए विशेष योजना तैयार करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास कर रही है, उसी प्रकार पलवैया धाम को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाई जानी चाहिए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में विकसित बिहार के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

अंत में उन्होंने कानू-हलवाई विचार मंच द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि सरकार समाज के हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह का अभिनंदन करते हुए भारत माता की जय के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त