11 अक्टूबर को होगा शारदीय नवरात्र का कलश स्थापन,21 अक्टूबर को विजयादशमी : पंडित तरुण झा
सहरसा, 07 अक्टूबर (हि.स.)।
ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान एवं फाउंडेशन डॉ रहमान चौक सहरसा बिहार के संस्थापक एवं मिथिला व कोशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा के अनुसार इस वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 11 अक्टूबर रविवार से है। इसी तिथि से शक्ति की साधना और आराधना शुरू हो जाएगी और 21 अक्टूबर को अंतिम दिन विजयादशमी होगी।इस वर्ष नवरात्र में तिथि की वृद्धि होने के कारण यह पर्व दस दिनों तक चलेगा और ग्यारहवें दिन विजया दशमी के साथ ये महापर्व का समापन होगा।
पंडित झा के अनुसार 18 अक्टूबर को महाअष्ट्मी होगी,अष्ट्मी तिथि समाप्त और महानवमी तिथि के आरम्भ को संधि काल या संधि पूजा कहा जाता है। संधि पूजा 19 अक्टूबर को होगी। 20 अक्टूबर को महानवमी होगी और विजयादशमी 21 अक्टूबर को होगी।
दस दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि पर गजारुढ़ाया यानी देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा,। शास्त्रों के अनुसार भगवती के हाथी पर आने से अत्यधिक बारिश होती है, जो इस वर्ष दिखाई भी दे रही है। साथ ही प्रस्थान गजवाहनया की सवारी के साथ होगा ये शुभदायक माना जाता है।
मिथिला में विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना चित्रा नक्षत्र एवं वैधृति योग में संपन्न होंगे।वैसे दैनिक अर्धप्रहरा को देखते हुये प्रातः 10.35 से पहले और दिन में 1.26 मिनट के बाद कलश स्थपना करना ज्यादा उचित होगा।वैसे प्रतिपदा तिथि पूरे दिन है।सुविधानुसार आप कलश स्थापना कर सकते हैं।
मिथिला में विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार,माता के सभी पूजा का विवरण निम्न प्रकार हैं :
11 अक्टूबर 2026 रविवार : शारदीय नवरात्रारम्भ,श्री दुर्गा पूजनोत्सव, कलश स्थापन,नवरात्र व्रतारम्भ,माता शैलपुत्रीदर्शन
12 अक्टूबर 2026 सोमवार : श्रीरेमन्त पूजा, माँ ब्रह्मचारिणी देवी दर्शन
13 अक्टूबर 2026 मंगलवार : माता चंद्रघंटा देवी दर्शन
14 अक्टूबर 2026 बुधवार : मां कूष्मांडा देवी दर्शन एवं श्री गणेश पूजन एवं व्रत
15 अक्टूबर 2026 गुरूवार : स्कन्दमातादर्शन
16 अक्टूबर 2026 शुक्रवार : बिल्वाभिमन्त्रण, गज पूजा,माँ कत्यायनी देवीदर्शनम
17 अक्टूबर 2026 शनिवार : महा सप्तमी,नव पत्रिका प्रवेश, सरस्वतीपूजा आरम्भ
18 अक्टूबर 2026 रविवार : महाअष्टमी व्रतं, महारात्रि निशा पूजा, रात्रि जागरण दीक्षा ग्रहण
19 अक्टूबर 2026- सोमवार : संधि पूजा
20 अक्टूबर 2026 मंगलवार : महानवमी व्रतं,दीक्षा ग्रहण,महागौरी देवी दर्शन, त्रिशूलनी पूजा हवन
21 अक्टूबर 2026 बुधवार : विजया दशमी,देवी विसर्जन, जयंतीधारण, अपराजिता पूजा, सरस्वती पूजा विसर्जन, नवरात्रव्रतपारण, नीलकंठ दर्शन
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार

