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धूमधाम से मनाई गई महर्षि वेदव्यास एवं लोकदेव भीम केवट जयंती, निकली रथयात्रा

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धूमधाम से मनाई गई महर्षि वेदव्यास एवं लोकदेव भीम केवट जयंती, निकली रथयात्रा


धूमधाम से मनाई गई महर्षि वेदव्यास एवं लोकदेव भीम केवट जयंती, निकली रथयात्रा


सुपौल, 30 जुलाई (हि.स.)। आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर मंगलवार को सुपौल स्थित शहनाई रिसोर्ट में महर्षि वेदव्यास एवं लोकदेव भीम केवट जयंती समारोह श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत व्यास रथयात्रा से हुई, जिसे पूर्व सांसद विश्वमोहन कुमार और चिकित्सक डॉ. रामचंद्र प्रसाद मंडल ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रथ पर चंद्र मोहन कामत, सूर्य नारायण कामत और नरेंद्र कुमार सारथी के रूप में मौजूद रहे। रथयात्रा बस स्टैंड, अंबेडकर चौक, महावीर चौक, थाना चौक और भेलाही सहित प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः समारोह स्थल पहुंची। पूरे मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाहनों के साथ रथ के पीछे चलते रहे और महर्षि वेदव्यास तथा लोकदेव भीम केवट के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

समारोह स्थल पर अतिथियों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्व प्रतिकुलपति प्रो. (डॉ.) राजाराम प्रसाद, केवट कैवर्त कल्याण समिति के अध्यक्ष नारायण भंडारी, सूर्य नारायण कामत, इंजीनियर हरीश मंडल, वरिष्ठ अधिवक्ता विजय कुमार चौधरी, नरेंद्र कुमार, दानी लाल मंडल और भोला मंडल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। स्वागत गीत अनुप्रिया एवं शिक्षक सचिन्द्र मंडल ने प्रस्तुत किया, जबकि पूर्व प्राचार्य सीताराम मंडल ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन समिति के संयोजक डॉ. रामचंद्र प्रसाद मंडल ने सभी अतिथियों को पाग, पुष्पीय पौधा और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) राजाराम प्रसाद ने कहा कि महर्षि वेदव्यास भारतीय संस्कृति के महान शिल्पकार थे, जिन्होंने वेद, महाभारत, पुराण, ब्रह्मसूत्र और श्रीमद्भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से मानव समाज को अमूल्य दिशा दी। उन्होंने लोकदेव भीम केवट के शौर्य का उल्लेख करते हुए अत्यंत पिछड़ा समाज से जातीय संकीर्णता त्यागकर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए संगठित होने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि नारायण भंडारी, सूर्य नारायण कामत, इंजीनियर हरीश मंडल, वरिष्ठ अधिवक्ता विजय कुमार चौधरी और कृषि पंडित भोला मंडल ने भी शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक जागरूकता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति समाज को सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर शिक्षक सचिन्द्र मंडल की पुस्तक का लोकार्पण किया गया। लाल देव कामत को 'व्यास शिखर सम्मान' तथा विनोद कुमार को 'व्यास प्रतिभा सम्मान' से सम्मानित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र