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किशनगंज भवन निर्माण विभाग में फिर उठा टेंडर मैनेज का मामला

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किशनगंज भवन निर्माण विभाग में फिर उठा टेंडर मैनेज का मामला


किशनगंज, 08 मई (हि.स.)। जिले के भवन निर्माण विभाग में टेंडर प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग पर पहले कार्य कराने और बाद में कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए निविदा निकालने का आरोप लगा है।

मामला 7 मई को जारी अल्पकालीन निविदा संख्या-03/2026-27 से जुड़ा है, जिसमें शामिल पांच कार्यों में से तीन काम पहले ही पूरा किए जाने की चर्चा है। हालांकि भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई है।

जानकारी के अनुसार संबंधित तीनों कार्य विभाग के एक करीबी संवेदक द्वारा करीब चार महीने पहले ही पूरे कर लिए गए थे। इसके बावजूद विभाग की ओर से अब निविदा प्रकाशित किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पूर्व में कराए गए कार्यों को वैध रूप देने और भुगतान प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बाद में टेंडर निकाला गया।

विभाग में लंबे समय से “टेंडर मैनेज” का खेल चल रहा है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से पहले चुनिंदा ठेकेदारों को कार्य दे दिया जाता है और बाद में नियमों का पालन दिखाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जाती है। इससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामला सामने आने के बाद भवन निर्माण विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जानकारों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। अब निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। शुक्रवार को जिला परिषद सदस्य ई नासिक नादिर ने भवन निर्माण विभाग पर टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विभागीय पदाधिकारी अपने चहेते ठेकेदारों से पहले ही कार्य पूरा करवा लेते हैं और बाद में औपचारिकता निभाने के लिए टेंडर निकाला जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल सरकारी राशि की निकासी और कमीशनखोरी के लिए किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता समाप्त हो रही है। जिप सदस्य ने कहा कि इस व्यवस्था के कारण छोटे ठेकेदारों को काम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में आंदोलन शुरू किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह