home page

भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग व व्यापारिक अवसर की संभावनाओ को लेकर हुई बैठक

 | 
भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग व व्यापारिक अवसर की संभावनाओ को लेकर हुई बैठक


-नेपाल व बिहार के विभिन्न चैम्बरों तथा उधोग संघो के प्रतिनिधियो ने लिया भाग

पूर्वी चंपारण,30 मार्च (हि.स.)।

भारतीय महावाणिज्य दूतावास बीरगंज नेपाल द्वारा बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के सहयोग से भारत नेपाल आर्थिक सहयोग, व्यापार की नये अवसर व संभावनाओ को लेकर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में नेपाल और बिहार के विभिन्न चैंबरों तथा उद्योग संघों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महावाणिज्यदूत डी एस मीणा ने भारत और नेपाल के बीच गहरे आर्थिक संबंधों,दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास तथा बीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के महत्वपूर्ण प्रयासों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने भारत-नेपाल द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और नेपाली व्यवसायी भारतीय व्यवसायो के साथ साझेदारी करके इसका लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने एकीकृत जांच चौकी,ड्राई पोर्ट रेलवे और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं के विकास के माध्यम से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारत सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने स्टार्टअप, आईसीटी, पर्यटन और कृषि-प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रम स्थापित करने सहित नए विचारों की खोज करने का आह्वान किया।इस अवसर पर विशिष्ट वक्ताओं में बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष माधव राजपाल,बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी, बिहार उद्योग संघ के प्रतिनिधि मनीष कुमार, नेपाल के प्रमुख उद्योगपति व नेपाल भारत सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक वैद्य ,मधेश प्रदेश के पूर्व मंत्री तथा बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, बिहार की रिपुराज एग्रो प्रा लि. के निदेशक रिपु रमन ,वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रकिशोर झा,वाणिज्यदूत मनीष दास सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और पारस्परिक लाभ के लिए नए अवसरों की खोज करना था। दोनों देशों के प्रतिभागियों के बीच सकारात्मक संवाद हुआ और द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार के तरीकों पर चर्चा की गई। उन्होंने सामने आ रही समस्याओं को भी साझा किया। महावाणिज्यदूत श्री मीणा ने द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए महावाणिज्य दूतावास की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार