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नेपाल में तनाव के मद्देनजर बिहार सीमा के भीमनगर में बायोमैट्रिक जांच हुआ अनिवार्य

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नेपाल में तनाव के मद्देनजर बिहार सीमा के भीमनगर में बायोमैट्रिक जांच हुआ अनिवार्य


सुपौल, 04 अगस्त (हि.स.)। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई हिंसक झड़पों के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। नेपाल में हुई हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

हालात को नियंत्रित करने के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना को कई जिलों में तैनात करना पड़ा। स्थिति सामान्य बनाने के लिए नेपाल सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर निगरानी की। नेपाल की इन घटनाओं के मद्देनजर सीमावर्ती भारतीय इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सीमा पर लगातार निगरानी रख रही हैं। अधिकारियों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित चुनौती से समय रहते निपटा जा सके। बढ़ी हुई सुरक्षा के तहत अब नेपाल जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए बायोमैट्रिक स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है।

पहले कई यात्री मोबाइल में मौजूद आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र दिखाकर सीमा पार कर लेते थे, लेकिन अब सभी यात्रियों को वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करने के साथ बायोमैट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह व्यवस्था महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित सभी यात्रियों पर समान रूप से लागू की गई है।

सोमवार शाम भीमनगर स्थित एसएसबी चेक पोस्ट पर नेपाल आने-जाने वाले लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। यात्रियों का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग जांच होने से सीमा पार करने में पहले की अपेक्षा अधिक समय लग रहा है। स्थानीय लोगों ने जांच प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए भीमनगर बॉर्डर पर अतिरिक्त कर्मियों और संसाधनों की तैनाती की मांग की है।

एसएसबी अधिकारियों के अनुसार मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह एहतियात के तौर पर लागू की गई है। उनका कहना है कि सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने और दोनों देशों के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहचान सत्यापन और बायोमैट्रिक जांच आवश्यक है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह कड़ी जांच व्यवस्था फिलहाल आगे भी जारी रह सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र