नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में जीविका दिदियां चला रही जनजागरूकता अभियान
बेतिया, 20 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम चंपारण जिले के नेपाल सीमावर्ती प्रखंडों—गौनाहा, मैनाटांड, रामनगर सिधाव एवं सिकटा में जीविका द्वारा नशा मुक्ति एवं मानव तस्करी के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के प्रति जागरूक कर समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
इस विशेष अभियान के तहत ग्राम संगठन स्तर पर जीविका दीदियों द्वारा बैठकें आयोजित कर नशा और मानव तस्करी जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। दीदियाँ न केवल इन समस्याओं के खिलाफ रणनीति बना रही हैं, बल्कि ग्रामीणों को शपथ भी दिला रही हैं कि यदि कहीं भी ऐसी गतिविधियों की थोड़ी भी आशंका हो, तो वे चुप न रहकर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
इन अभियानों में स्कूल के बच्चे, स्थानीय नागरिक, सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी तथा पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। रामनगर प्रखंड की प्रखंड परियोजना प्रबंधक रत्नप्रिया ने सोमवार को बताया कि जनजागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन प्रभात फेरी, रैली एवं संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पुरुषों और बच्चों की भी उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी जा रही है।सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों द्वारा नशे के दुष्प्रभावों एवं उसके परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। साथ ही, ग्रामीणों को यह विश्वास दिलाया जा रहा है कि यदि वे नशीले पदार्थों के सेवन, बिक्री या मानव तस्करी से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना देते हैं, तो उनकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
प्रखंड परियोजना प्रबंधक ने यह भी बताया कि जीविका परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीणों को आजीविका के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और गलत गतिविधियों से दूर रहें।
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक आर. के. निखिल ने जानकारी दी कि नेपाल एवं उत्तर प्रदेश सीमा से सटे प्रखंडों में यह अभियान विशेष रूप से चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत रैली, प्रभात फेरी, कैंडल मार्च एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिचौलियों द्वारा बच्चों को नौकरी का लालच देकर बहला-फुसलाकर नेपाल या अन्य शहरों में ले जाकर बाल मजदूरी एवं अन्य अनैतिक कार्यों में संलिप्त किया जाता है। ऐसे में यह अभियान ग्रामीणों को सतर्क रहने और ऐसे गिरोहों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
यह अभियान न केवल नशा और मानव तस्करी के खिलाफ एक मजबूत कदम है, बल्कि महिलाओं, बच्चों और पूरे समाज की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
उन्होंने यह भी बताया कि बिचौलियों द्वारा बच्चों को नौकरी का लालच देकर बहला-फुसलाकर नेपाल या अन्य शहरों में ले जाकर बाल मजदूरी एवं अन्य अनैतिक कार्यों में संलिप्त किया जाता है। ऐसे में यह अभियान ग्रामीणों को सतर्क रहने और ऐसे गिरोहों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित कर रहा है। उनके मुताबिक यह अभियान न केवल नशा और मानव तस्करी के खिलाफ एक मजबूत कदम है, बल्कि महिलाओं, बच्चों और पूरे समाज की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।
हिन्दुस्थान समाचार / अमानुल हक

