छपरा मंडल कारा में कैदियों की होगी अल्ट्रा पोर्टेबल मशीन से टी बी जांच
सारण, 31 जुलाई (हि.स.)। जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक कदम उठाया है। सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब छपरा मंडल कारा में बंद सभी कैदियों और बाल सुधार गृह के बच्चों की अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से जांच की जाएगी। बंद परिसरों में संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह विशेष पहल की गई है।
अभियान के सफल संचालन के लिए सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय विशेष टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। गठित टीम जेल में विशेष शिविर लगाकर कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे करेगी। एआई तकनीक की मदद से एक्स-रे रिपोर्ट का तुरंत विश्लेषण कर संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। इसके बाद नेट जांच से पुष्टि कर मरीजों का तत्काल नि:शुल्क इलाज शुरू किया जाएगा।
डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर के अनुसार बाल सुधार गृह के बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 से 30 जुलाई तक चले विशेष अभियान के तहत 10 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। इसमें 16,358 लोगों का एक्स-रे, 4,718 लोगों की नेट जांच और 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य लक्ष्य टीबी के मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें त्वरित उपचार उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

