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प्रशासनिक रोक बेअसर: महादेवपुर घाट से अवैध रूप से खुली नाव गंगा की तेज धारा में बही

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प्रशासनिक रोक बेअसर: महादेवपुर घाट से अवैध रूप से खुली नाव गंगा की तेज धारा में बही


भागलपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। जिला प्रशासन द्वारा गंगा नदी में नावों के परिचालन पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध के बावजूद नियमों को ताक पर रखने का एक बड़ा मामला सामने आया है। शनिवार को महादेवपुर घाट से एक नाव अनधिकृत रूप से खुल गई।

इस नाव पर भारी मात्रा में केले और मोटरसाइकिलें लदी हुई थीं। बताया जाता है कि यह नाव चोरी-छिपे मानिक सरकार घाट की ओर बढ़ने का प्रयास कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब नाव करगिल दियारा के समीप पहुँची, तो गंगा की तेज और अनियंत्रित धारा के सामने मल्लाह बेबस हो गया। पानी का दबाव इतना अधिक था कि मल्लाह का नाव पर से नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो गया। नियंत्रण खोते ही नाव पानी के तेज बहाव में अनियंत्रित होकर बहने लगी।

विक्रमशिला सेतु के प्रभावित होने के बाद से जिला प्रशासन द्वारा बरारी और महादेवपुर घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और एसडीआरएफ की 24 घंटे तैनाती के दावे किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद, प्रतिबंध के दौर में कमर्शियल सामान (केले और बाइक) लादकर नाव का खुल जाना स्थानीय घाट प्रबंधन और गश्ती दल की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद नदी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय गोताखोरों और प्रशासन को मामले की सूचना दे दी गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम महज 15 से 20 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बहती हुई नाव को संभाला और उसे नियंत्रित कर सुरक्षित स्थिति में लाया। इसके बाद नाव को वापस महादेवपुर घाट की ओर सुरक्षित लौटा दिया गया। जिससे एक बड़ा जल हादसा होने से टल गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर