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ऐतिहासिक दस्तावेज फर्जीवाड़ा करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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कटिहार, 01 मई (हि.स.)। राजधानी पटना के निबंधन कार्यालय से वर्ष 1940-45 के ऐतिहासिक दस्तावेज चुराकर जमीन का फर्जीवाड़ा करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि इस गिरोह के मुख्य गुर्गे कटिहार के रहने वाले हैं, जिन्हें पुलिस ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गिरफ्तार किया है।

गांधी मैदान (पटना) थानाध्यक्ष की सूचना और निशानदेही पर पुलिस टीम ने कटिहार में छापेमारी कर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रदुमन कुमार पिता- लालू सिंह उर्फ लालदेव, निवासी- सिरसा, थाना- मुफ्फसिल, सुरेश कुमार सिंह पिता- रामचंद्र सिंह, निवासी- सिरसा, थाना- मुफ्फसिल और मसीउर रहमान उर्फ़ मुन्ना खान पिता- स्व. मोजीबुर रहमान, निवासी- सकरपुरा, थाना- डंडखोरा जिला कटिहार के रूप में हुई है।

इन तीनों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे निबंधन कार्यालयों से पुराने रिकॉर्ड की चोरी कर उनके आधार पर फर्जी कागजात तैयार करते थे और फिर जमीन पर अवैध कब्जा या मोटी रकम की वसूली करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया है कि उनका नेटवर्क सिर्फ पटना तक सीमित नहीं था। वर्ष 2024 में कटिहार और भागलपुर के निबंधन कार्यालयों में भी इसी तरह की चोरियों और रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की वारदातों को अंजाम दिया गया था।

कटिहार पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ पहले से मामला दर्ज है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जिला मुख्यालय भी इनके निशाने पर रहा है।

पकड़े गए आरोपियों में सुरेश कुमार सिंह सबसे शातिर माना जा रहा है। उस पर कटिहार के मुफ्फसिल थाना में आधा दर्जन से अधिक मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें मुख्य रूप से कांड संख्या 63/21, 78/11, 30/15, 33/15 और 21/12 शामिल हैं। इसके अलावा भागलपुर के जोगसर थाना (170/24) और पटना के गांधी मैदान थाना (237/26) में भी इसके विरुद्ध मामले चल रहे हैं।

यह गिरोह निबंधन कार्यालयों की चहारदीवारी फांदकर लोहे की रॉड और खंती के सहारे पुराने रिकॉर्ड रूम में घुसता था। 1940 के दशक के पुराने कागजातों को इसलिए चुना जाता था क्योंकि उनका डिजिटल रिकॉर्ड कम है, जिससे फर्जी 'दाखिल-खारिज' (म्युटेशन ) कराना आसान हो जाता था।

इस बड़े खुलासे के बाद कटिहार समेत अन्य जिलों के निबंधन कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य स्थानीय संपर्कों को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि कटिहार में किन-किन की जमीनों के साथ खेल किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह