मातृ दिवस पर महात्मा गाँधी शिक्षण संस्थान में भावनात्मक कार्यक्रम, बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियाँ
दरभंगा, 10 मई (हि.स.)।
मातृ दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान की बंगाली टोला, लहेरियासराय तथा वाजितपुर (बीएमपी-13 के निकट) शाखाओं में भव्य एवं भावनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और मातृत्व के महत्व पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे, वहीं विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
बंगाली टोला शाखा में आयोजित समारोह की मुख्य अतिथि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी हरि प्रिया तथा विशिष्ट अतिथि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रमोद कुमार थे। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या श्रावणी शिखा, चेयरमैन हीरा कुमार झा, प्रबंधक राजीव कुमार एवं अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत मिथिला परंपरा के अनुरूप किया गया।
स्वागत भाषण में प्राचार्या श्रावणी शिखा ने कहा कि मां बच्चों की प्रथम गुरु होती हैं और उनके संस्कार ही समाज की दिशा तय करते हैं। विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार ने कहा कि “मां है तो संसार है” तथा बच्चों की सुरक्षा और वैधानिक अधिकारों को लेकर भी अभिभावकों को सजग रहने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि हरि प्रिया ने अपने संबोधन में मां के प्रेम, त्याग और समर्पण को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता का सम्मान करने और उनके आदर्शों पर चलने की अपील की। साथ ही वर्तमान समय में माताओं की जिम्मेदारियों और अधिकारों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय संबोधन में चेयरमैन हीरा कुमार झा ने कहा कि माताएं समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में परिवार और विद्यालय दोनों की समान भूमिका होती है। उन्होंने विद्यालय के प्रति अभिभावकों के विश्वास और सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
विद्यालय के प्राचार्य अजय झा ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों और माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना विद्यालय की प्राथमिकता है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक पंकज कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन समन्वयक शशांक श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra

