सिल्क सिटी में मां दुर्गा को नम आंखों से दी गई विदाई, भव्य शोभायात्रा के साथ मुशहरी घाट में हुआ प्रतिमा विसर्जन
भागलपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। सिल्क सिटी भागलपुर में दुर्गा पूजा की ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार, श्रद्धा और उल्लास के साथ मां दुर्गा को विदाई दी गई।
दिनभर विभिन्न मंदिरों और पूजा पंडालों में माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना चलती रही, जिसके बाद दोपहर से भव्य विसर्जन शोभायात्राओं का सिलसिला शुरू हुआ। देर रात तक गंगा घाट (मायागंज अस्पताल के पीछे स्थित मुशहरी घाट) में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। हालांकि, गुरुवार को कुछ स्थानों पर दोपहर में ही विसर्जन संपन्न हो गया।
परंपरा से अलग हटकर इस बार दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी और बरारी रिफ्यूजी कॉलोनी आदि की प्रतिमाओं का विसर्जन एक दिन पहले ही कर दिया गया था। दुर्गा पूजा महासमिति की ओर से मुख्य प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा गुरुवार दोपहर 3:00 बजे स्टेशन चौक से शुरू हुई।
महासमिति के अध्यक्ष अभय घोष सोनू और महासचिव जयनंदन आचार्य ने बताया कि इस ऐतिहासिक शोभायात्रा की शुरुआत स्टेशन चौक से हुई, जिसमें पहली प्रतिमा परबत्ती पूजा समिति की थी। शोभायात्रा स्टेशन चौक, वेराइटी चौक, खलीफाबाग चौक, कोतवाली चौक, नया बाजार, बूढ़ानाथ चौक, आदमपुर चौक, छोटी खंजरपुर होते हुए बड़ी खंजरपुर मायागंज अस्पताल के पीछे काली विसर्जन घाट (मुशहरी घाट) पहुंची। आज कुल 45 प्रतिमाओं का विसर्जन होना है, जिसमें से 30 प्रमुख पूजा स्थानों की प्रतिमाएं इस मुख्य शोभायात्रा का हिस्सा बनीं।
दोपहर तीन बजे जैसे ही परबत्ती की पहली प्रतिमा स्टेशन चौक पहुंची, पूरा इलाका श्रद्धालुओं के भारी हुजूम से पट गया। इसके बाद पूरे विसर्जन मार्ग की रौनक कई गुना बढ़ गई और माहौल मेले जैसा हो गया। स्टेशन चौक से लेकर खंजरपुर तक विसर्जन मार्ग में चाट-पकौड़े, खिलौनों और अन्य फुटपाथी दुकानें सजी रहीं, जहां शहर और बाहर से आए लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। वहीं शहर के दक्षिणी क्षेत्र में स्थापित मां दुर्गा की अधिकतर प्रतिमाओं का विसर्जन पारंपरिक तालाबों और पोखरों में किया गया। मोहद्दीनगर दुर्गा स्थान की प्रतिमा के साथ निकली विसर्जन शोभायात्रा बेहद आकर्षक और उत्सवमयी रही। यहाँ महिला श्रद्धालुओं और युवतियों ने डांडिया और पारंपरिक लोकनृत्य कर समां बांध दिया।
पूरा वातावरण 'जय मां अंबे, जय जगदंबे, दुर्गा महारानी की जय' के जयकारों से गूंज उठा। विसर्जन के दौरान युवा भी भक्ति धुनों और गीतों पर जमकर थिरके।
इस आयोजन को सफल बनाने में मोहद्दीनगर पूजा समिति के अध्यक्ष राकेश रंजन केसरी, प्रफुल्लचंद्र सिंह, गणेश मालाकार, हरिशंकर सहाय, चंदन सहाय और सौरभ मिश्रा सहित समिति के सभी सदस्यों ने सराहनीय योगदान दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

