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गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग जायज : अरुण यादव

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गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग जायज : अरुण यादव


भागलपुर, 24 फ़रवरी (हि.स.)। राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने मंगलवार को गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल द्वारा बिहार विधानसभा में गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को उठाये जाने का स्वागत किया है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि बुलो मंडल जब राष्ट्रीय जनता दल के सांसद थे, उस समय भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से मिलकर गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग पुरजोर तरीके से की थी। राजद प्रवक्ता ने कहा कि उल्लेखनीय हो कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के संघर्ष और प्रण अनुरूप महागठबंधन की बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना कराई। जाति आधारित गणना के उपरांत पिछड़ों, अतिपिछड़ों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ा कर 60% किया गया। राजद प्रवक्ता ने कहा कि गणना में सभी जातियों की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति उजागर हुई। जिसमे गंगोता जाति की स्थिति काफी दयनीय है।

गंगोता समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करके ही समाज के मुख्यधारा में लाया जा सकता है, उन्हें मजबूत बनाया जा सकता है। इसलिए गंगोता जाति के वोट के बल पर बिहार विधानसभा का मुंह देखने वाले बिहपुर, पीरपैंती, कहलगांव, भागलपुर और नाथनगर के राजग विधायकों को गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के सामने आवाज बुलंद करना चाहिए। राजद प्रवक्ता ने गंगोता समाज से भी अपील किया है कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरें।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर