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कटिहार में गंगा-कोसी के उफान से 3.43 लाख की आबादी बाढ़ प्रभावित, प्रशासन ने शुरू किया बड़े पैमाने पर राहत कार्य

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कटिहार, 07 सितंबर (हि.स.)। कटिहार जिले में गंगा, कोसी, बरांडी और कारीकोसी नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। जिले के चार प्रमुख अंचलों—कुर्सेला, बरारी, अमदाबाद और मनिहारी—की 35 ग्राम पंचायतों के 236 गांव तथा 3 नगर पंचायतों के 10 वार्ड पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 3,43,180 की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है। हालात से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर राहत एवं संघर्षात्मक कार्य तेज कर दिए गए हैं।

जलमग्न क्षेत्रों में आवागमन के लिए प्रशासन ने कुल 67 नावें उतारी हैं। इनमें सर्वाधिक बरारी में 19, कुर्सेला में 17, मनिहारी में 11, अमदाबाद में 08, प्राणपुर में 04, मनसाही व कोढ़ा में 03-03 तथा फलका में 02 नावें संचालित की जा रही हैं।

बाढ़ पीड़ितों और विस्थापित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर व्यवस्था की गई है। सोमवार को बरारी, कुर्सेला व अमदाबाद के रसोई केंद्रों के माध्यम से 5,250 लोगों को भोजन कराया गया। इसके अतिरिक्त नए जलमग्न इलाकों के लिए शाम तक कुल 60 नई सामुदायिक रसोई शुरू करने की तैयारी है, जिनमें बरारी में 22, मनिहारी में 15, अमदाबाद में 12 और कुर्सेला में 05 केंद्र शामिल हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के तहत बरारी, अमदाबाद व कुर्सेला में आठ मानव चिकित्सा शिविर लगाकर लगभग 450 लोगों का उपचार किया गया और 458 हैलोजन टैबलेट बांटी गईं। वहीं, विस्थापित पशुओं के लिए चारों प्रमुख अंचलों में संचालित पशु शिविरों के जरिए 123 मवेशियों का इलाज किया गया। बेघर परिवारों को सिर छिपाने के लिए अब तक 4,060 पॉलीथिन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं, जबकि पेयजल संकट दूर करने के लिए पीएचईडी ने बरारी में 12 और कुर्सेला में 04 नए चापाकल लगाए हैं।

आपदा से जुड़ी त्वरित सूचना, समन्वय और सहायता के लिए समाहरणालय स्थित जिला आपातकालीन संचालन केंद्र सह-नियंत्रण कक्ष 24 घंटे पालीवार कार्यरत है। प्रभावित नागरिक दूरभाष संख्या 06452-239025, 239026, 242400 अथवा ईमेल deoc-katihar@bihar.gov.in पर तत्काल संपर्क कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह