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पूर्णिया विश्वविद्यालय ने सेवानिवृत्त प्रभारी प्रधानाचार्य नियुक्ति को दिया अमान्य करार

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पूर्णिया विश्वविद्यालय ने सेवानिवृत्त प्रभारी प्रधानाचार्य नियुक्ति को दिया अमान्य करार


अररिया, 22 फरवरी(हि.स.)।

फारबिसगंज के जीरा देवी शीतल साह महिला महाविद्यालय के शासी निकाय के द्वारा प्रभारी प्राचार्य डॉ रामसुंदर साह के सेवानिवृत्ति के बाद संविदा पर नियुक्ति कर प्रभारी प्राचार्य के पद सौंपे जाने को लेकर पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुल सचिव ने पत्र जारी किया है।

विश्वविद्यालय के कुल सचिव ने प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक को नियुक्त करने का निर्देश दिया है।विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो.अखिलेश कुमार के द्वारा जारी पत्र संख्या पीयूपी(आईसीएससी- 01/26)- आर/26- 391 दिनांक 20.02.2026 में कहा गया है कि पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ राम सुंदर साह की जन्म तिथि एवं नियुक्ति की तिथि के आधार पर सेवा काल समाप्त हो गया है। सेवा निवृत शिक्षक या प्रधानाचार्य का सेवा विस्तार किया जाना बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 के प्रतिकूल है।

शासी निकाय द्वारा सेवा निवृत प्रभारी प्रधानाचार्य को संविदा पर नियुक्त कर प्रभारी प्राचार्य का प्रभार सौपा जाना भी उचित नहीं है, जबकि बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 के तहत वरीयतम नियमित शिक्षक को ही प्रभारी प्रधानाचार्य नियुक्त किये जाने का प्रावधान है।पत्र में प्रभारी प्रधानाचार्य की नियुक्ति को अमान्य करार दिया गया है।

महाविद्यालय के शासी निकाय के सचिव को पत्र जारी करते। हुए पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुल सचिव ने वरिष्ठतम शिक्षक को प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर विधिवत रूप से नियुक्त करने का निर्देश जारी किया है।पत्र में सेवानिवृत प्रभारी प्राचार्य डॉ राम सुंदर साह के हस्ताक्षर से महाविद्यालय के सभी प्रकार के खातों के संचालन पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।

इधर जीरा देवी शीतल साह महिला महाविद्यालय के प्रधानाचार्य का मामला को लेकर कॉलेज के अंदर सियासत तेज हो गया है।कॉलेज के शिक्षक एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों ने नियमानुकूल प्रभारी प्रधानाचार्य की नियुक्ति की मांग की है,ताकि महाविद्यालय में अध्ययन और अध्यापन का कार्य सुचारू रूप से चल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर