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सरकार और प्रशासन की ओर से लगाया जाने वाला सहयोग शिविर कारगर नहीं : मनोज विश्वास

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सरकार और प्रशासन की ओर से लगाया जाने वाला सहयोग शिविर कारगर नहीं : मनोज विश्वास


अररिया 01 सितम्बर(हि.स.)। बिहार सरकार और जिला प्रशासन की ओर से समस्याओं के निबटारे को लेकर लगने वाले सहयोग शिविर कारगर नहीं है।शिविर में केवल कागजी खानापूर्ति की जाती है और समस्याओं के निराकरण के प्रति विभागीय अधिकारी संवेदनशील नहीं है। उक्त बातें फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास ने सुभाष चौक स्थित जन संपर्क कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।उन्होंने नौ महीने के अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों और सदन में उठाए गए मामलों का लेखा जोखा भी प्रस्तुत किया।

विधायक मनोज विश्वास ने फारबिसगंज सहित जिला में सूखा नशा के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जाहिर की और इस गोरखधंधे में बड़े बड़े सफेद कॉलर वाले लोगों की संलिप्तता होने की बात कही।उन्होंने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण स्तर पर नशे के खिलाफ कार्यक्रम चलाकर सूखा नशे के कारण होने वाले नुकसान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की बात कही।

विधायक ने कहा कि सबसे अधिक अंचल कार्यालय से जुड़ी समस्याएं उनके पास आती है।जमीन से संबंधित परिमार्जन,मोटिवेशन फारबिसगंज अंचल कार्यालय में सूबे में सबसे अधिक पेंडिंग है।उनके पास आने वाले सौ में से 90 लोगों की समस्या जमीन से संबंधित रहती है।सरकार के दावे के विपरीत जमीन संबंधित समस्याओं का निवारण नहीं हो पा रहा है।सहयोग शिविर और पोर्टल में भी शिकायत करने पर लोगों का काम नहीं हो रहा है।

अधिकारी सरकार को ठगने का काम कर रहा है,केवल कोरम पूरा किया जा रहा है।उन्होंने स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के निराकरण को लेकर भी डीएम सहित सीएस के साथ कई बार बैठक करने की बात कही।उन्होंने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से लेकर निशांत कुमार और सीएम सम्राट चौधरी से खुद मिलकर निराकरण की गुहार लगा चुके हैं।बावजूद इसके अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी लापरवाह हैं।गंभीर मामलों में संवेदनशीलता नहीं है।उन्होंने पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव बसाक पर आरोप लगाते हुए कहा कि हरेक वार्ड में पैसा देने वाले आशा कर्मी को नियुक्त कर दिया है और इस नियुक्ति से मुखिया को भी अनभिज्ञ रखा गया है।

वहीं विधायक ने फॉर्मर आईडी को लेकर पूर्वज के जमीन का बंटवारा नहीं होने से फॉर्मर आईडी कार्ड निर्माण में आ रही समस्याओं को लेकर भी चिंता जाहिर की।परदादा और दादा के जमीन वाले को खाद और उर्वरक किसानों को नहीं मिल रहा है।खाद और उर्वरक की हो रही कालाबजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को कवायद करनी होगी।अन्यथा किसानों की किसानी प्रभावित होगी।उन्होंने कहा कि फॉर्मर आईडी पर ही सरकार की अनुदानित खाद और उर्वरक मिलेगा।फलस्वरूप किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है।उन्होंने कहा कि कृषि अधिकारियों से डीलर के स्टॉक की जानकारी मांगने पर भी अभी तक अधिकारी द्वारा उपलब्ध नहीं कराया है।

उन्होंने कैंसर के प्रति जागरूकता पर बल दिया और बताया कि जल्द ही मुजफ्फरपुर स्थित टाटा के कैंसर अस्पताल की टीम जिला में कैंप कर कैंसर मरीजों का जांच कर उनके समुचित इलाज के लिए पहल करेगी,जिसके लिए उन्होंने स्वयं अस्पताल प्रबंधक से बात की है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर