सुपौल में बाढ़-सुखाड़ को लेकर अलर्ट, डीएम ने संवेदनशील तटबंधों की निगरानी के दिए सख्त निर्देश
सुपौल, 10 जुलाई (हि.स.)। सुपौल में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संसाधन विभाग के सभी छह प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ पूर्व तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले के सभी आवश्यक कटाव निरोधी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र के संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण करने तथा प्रत्येक स्थल पर उपस्थिति पंजी संधारित कर निरीक्षण का विधिवत रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया।
डीएम ने अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) को पश्चिमी तटबंध पर विशेष निगरानी बनाए रखने का निर्देश देते हुए अन्य सभी जल संसाधन प्रमंडलों में भी नियमित मॉनिटरिंग जारी रखने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील इलाकों का लगातार निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रतिकूल स्थिति की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को देने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ और सुखाड़ जैसी आपदा परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक, अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार, जल संसाधन विभाग के सभी कार्यपालक अभियंता, अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ प्रभावित अंचलों के अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

