फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान शुरू,स्कूलों में शुरू हुई बच्चों की जांच
अररिया 14 मई(हि.स.)।फाइलेरिया अर्थात हाथीपांव जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू किया है। गुरुवार को बिहार स्वास्थ्य विभाग की ओर से टॉस-01 कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस अभियान के तहत 14 मई से 29 मई तक सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले छह वर्ष आयु के बच्चों की विशेष जांच की जाएगी। कार्यक्रम का उद्घाटन रेफरल अस्पताल मोड़ स्थित पुरानी पीएचसी परिसर में किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच कार्य के लिए रवाना किया गया। अधिकारियों ने कहा कि समय रहते बीमारी की पहचान होने पर बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सकता है।
स्कूलों में जाकर होगी बच्चों की स्वास्थ्य जांच
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. राजीव कुमार बसाक और बीएचएम हाजी सईद उज्जमा ने संयुक्त रूप से अभियान की शुरुआत की। पीएचसी प्रभारी ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर फाइलेरिया के संभावित लक्षणों की पहचान की जाएगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर उपचार और रोकथाम की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है।
हर दिन पांच टीम करेंगी जांच
बीएचएम हाजी सईद उज्जमा ने बताया कि टॉस-01 कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रतिदिन पांच टीमों को अलग-अलग विद्यालयों में भेजा जाएगा। हर टीम में पांच स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहेंगे, जो बच्चों की जांच करेंगे।
अभियान के पहले दिन से ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के चिन्हित पांच विद्यालयों में छह वर्ष आयु के बच्चों की स्क्रीनिंग शुरू की गई।
अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में फाइलेरिया के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर बीमारी को फैलने से रोकना है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

