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कला केंद्र भागलपुर का स्थापना दिवस मनाया गया

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कला केंद्र भागलपुर का स्थापना दिवस मनाया गया


भागलपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। कला केंद्र भागलपुर का स्थापना दिवस सोमवार को कला केंद्र भागलपुर में मनाया गया। इस अवसर पर कला केंद्र के प्रबंध समिति सदस्य, पूर्व छात्र एवं वर्तमान छात्रों ने अपनी बात रखी।

संचालन करते हुए कला केंद्र के प्राचार्य राजीव कुमार सिंह ने बतलाया कि 1954 में स्थापित कला केंद्र ने अपना 72 साल पूरा किया है। किसी भी वित्त रहित संस्थान के लिए इतने लंबे समय तक कार्यरत रह पाना बड़ी बात है। यह इसलिए संभव हुआ है कि कला केंद्र के तमाम प्राचार्य और शिक्षकों ने एक सामाजिक कार्यकर्ता की तरह कला केंद्र में काम किया और इसे अनवरत जारी रखा।

देश के महान चित्रकार नंदलाल बोस की प्रेरणा से बंकिम चंद्र बनर्जी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 24 अगस्त 1954 को कला केंद्र की स्थापना की। आर्थिक स्थिति जो रहा हो पर कला केंद्र की धरती पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर जाकिर हुसैन, कला मर्मज्ञ उपेंद्र महारथी जैसे लोगों कला केंद्र की धरती पर कदम रखा है।

प्रबंध समिति सदस्य उदय ने अपनी बातों में कहा कि कलाकेंद्र कला के उत्थान और विकास के लिए व्यापक उद्देश्य के लिए बनाया गया था। इसके साथ विश्वविद्यालय से डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई करवाना भी एक काम था।

उन्होंने कला केंद्र की यात्रा को याद करते हुए कहा कि इन 72 वर्षों में कला केंद्र ने सिर्फ कल के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि कला का एक महत्वपूर्ण काम सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में भी योगदान दिया है।

पूर्व डीएसडब्ल्यू डॉ योगेंद्र ने कहा कि कला केंद्र के छात्रों ने भागलपुर विश्वविद्यालय को कई बार ईस्ट जोन कल्चरल प्रोग्राम और राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुरस्कार दिलाया है। चित्र, कोलाज, रंगोली, पोस्टर, स्किट, नाटक, माइम, क्ले मॉडलिंग आदि में कई बार पुरस्कार जीतकर भागलपुर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। आज हम जिस लोक चित्रकला मंजूषा पर इतराते हैं उसे चित्रकला को नाम और पहचान दिलाने में कला केंद्र के ही छात्र शेखर का बड़ा योगदान है। आज भी मंजूषा चित्रकला को जिन बारीकियों से कला केंद्र के छात्र सीखते हैं वह दूसरे जगह देखने को नहीं मिलता।

मौके पर विजय कुमार शाह, जयप्रकाश कुमार, मृदुला सिंह, डॉ अलका सिंह, विनय कुमार भारती आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कला केंद्र द्वारा 17 अगस्त से 23 अगस्त तक चल रहे मंजूषा कार्यशाला के प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर