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भागलपुर में फिर लौटा चूल्हा और कोयले का दौर

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भागलपुर में फिर लौटा चूल्हा और कोयले का दौर


भागलपुर, 08 अप्रैल (हि.स.)। मिडिल ईस्ट में बने तनावपूर्ण हालात का असर सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंचने के कारण जिले में चूल्हा और कोयले का दौर लाैट आया है।

एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थ के आयात पर पड़े असर के कारण भागलपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत देखी जा रही है। इसी का नतीजा है कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग अब गैस चूल्हे छोड़कर मिट्टी के चूल्हे और कोयले की भट्टी की ओर रुख कर रहे हैं। भागलपुर के बाजारों में इन दिनों चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है।

300 से 5 हजार रुपये तक बिक रहे चूल्हें

लाल मिट्टी से बने चूल्हे 300 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक बिक रहे हैं। ग्राहक इन्हें तेजी से खरीद रहे हैं। वहीं होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी कोयले की भट्टी खरीदने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को हो रही है। शादी-विवाह का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन गैस सिलेंडर की उपलब्धता नहीं होने से उनके काम पर असर पड़ रहा है। ऐसे में कैटरिंग व्यवसायी भी मजबूरी में कोयले के चूल्हे खरीदकर काम चला रहे हैं।

बदलते हालात ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब संकट आता है, तो आधुनिक सुविधाएं भी पीछे छूट जाती हैं और लोग पुराने तरीकों को अपनाने पर मजबूर हो जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर