98.12 लाख के गबन कांड के बाद जागा शिक्षा विभाग: भागलपुर के 17,338 शिक्षकों के अभिलेखों की जांच तेज
भागलपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। भागलपुर में शिक्षा विभाग में फर्जी एचआरएमएस आईडी का उपयोग कर 98.12 लाख के वेतन की अवैध निकासी और बहुचर्चित गबन कांड का पर्दाफाश होने के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है। इस महाघोटाले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा कार्यालय पूरी तरह से एक्शन मोड में है। इसके तहत जिले में कार्यरत सभी 17,338 शिक्षकों के सेवा अभिलेखों और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया युद्धस्तर पर तेज कर दी गई है।
मंगलवार के बाद बुधवार को भी जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयों में अपने-अपने दस्तावेज जमा करने के लिए शिक्षकों की भारी भीड़ उमड़ी। गबन कांड की आंच जैसे ही प्रखंडों तक पहुंची, शिक्षकों में अपने दस्तावेजों को दुरुस्त कराने की होड़ मच गई। जिले के गोराडीह प्रखंड स्थित ब्लॉक रिसोर्स सेंटर में बुधवार को सुबह से ही पैर रखने की जगह नहीं थी। प्रमाणपत्र और सेवा अभिलेखों के सत्यापन के लिए प्रखंड के विभिन्न स्कूलों से आए सैकड़ों शिक्षकों की लंबी कतारें देखी गईं।
काउंटर पर कागजातों की स्क्रूटनी और उन्हें व्यवस्थित तरीके से जमा कराने की जिम्मेदारी संभाल रहे लेखपाल बिजय सिंह और अमित कुमार दिनभर व्यस्त रहे। भीड़ के कारण बीआरसी परिसर में भारी अफरातफरी का माहौल बना रहा, जिसे नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच, फर्जी शिक्षकों को पकड़ने के लिए विभाग द्वारा की जा रही आनन-फानन की कार्रवाई और वेतन पर रोक लगाने की आशंका को लेकर शिक्षक संगठनों में भारी नाराजगी है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. शेखर गुप्ता ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि मुट्ठी भर भ्रष्ट कर्मियों और फर्जी आईडी बनाने वाले दोषियों के कारण 17 हजार से अधिक निर्दोष और सामान्य शिक्षकों को प्रताड़ित करना कतई उचित नहीं है। डॉ. गुप्ता ने विभाग से मांग की है कि जांच के नाम पर किसी भी वैध शिक्षक का वेतन न रोका जाए। चूंकि दुर्गा पूजा और आगामी बड़े त्योहारों का सीजन चल रहा है, ऐसे में वेतन रुकने से हजारों शिक्षक परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक तंगी का संकट खड़ा हो जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सीधी कार्रवाई करने के बजाय आम शिक्षकों को परेशान किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

