विश्व पृथ्वी दिवस पर बच्चों ने ,मानव श्रृंखला का किया निर्माण
अररिया 22 अप्रैल(हि.स.)। फारबिसगंज के तिरसकुंड स्थित प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस मनाई गई,जिसमें बच्चों के जागरूक करते हुए पर्यावरण संरक्षण और पृथ्वी को सुरक्षित रखने को लेकर अधिक से अधिक संख्या पेड़ पौधे लगाने की अपील की।
मौके पर स्कूल के शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि 1970 में शुरू हुआ यह दिवस अब 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है और इस साल हमारी शक्ति, हमारा ग्रह के तहत नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना थीम है।
कार्यक्रम में रंजीत कुमार मंडल ने कहा कि विश्व पृथ्वी दिवस के मुख्य उद्देश्य प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण के प्रति चेतना जगाना है। वहीं प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि इसकी शुरुआत और स्थापना अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 22 अप्रैल 1970 को की थी। कवि सह शिक्षक संजीत कुमार निगम ने बच्चों को साल के थीम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह टिकाऊ भविष्य के लिए सौर, पवन और भूतापीय जैसी स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग पर केंद्रित है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि पृथ्वी के संरक्षक के रूप में, हमारा कर्तव्य है कि हम विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाएं। इस दिन अधिक से अधिक पेड़ लगाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल संरक्षण और ऊर्जा बचाने का प्रण लिया जाता है। यह दिन केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण की रक्षा के लिए एक सतत आंदोलन की आवश्यकता है। इस अवसर पर बच्चों ने मानव श्रृंखला बनाकर पृथ्वी दिवस लिखकर लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में नव चयनित बाल संसद इको क्लब के बच्चों ने भी अपनी मातृभाषा संथाली भाषा में विचार रखे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

