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दुर्गास्थान कटिहार में नवरात्र मेले की भूमि का डाक 3 अक्टूबर को, 58 लाख रुपये न्यूनतम बोली निर्धारित

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दुर्गास्थान कटिहार में नवरात्र मेले की भूमि का डाक 3 अक्टूबर को, 58 लाख रुपये न्यूनतम बोली निर्धारित


कटिहार, 29 सितंबर (हि.स.)। सार्वजनिक श्री दुर्गा मंदिर, दुर्गास्थान (कटिहार) में आगामी शारदीय नवरात्र पूजा-2026 के अवसर पर आयोजित होने वाले 10 दिवसीय मेले के लिए मंदिर परिसर की भूमि का सार्वजनिक डाक 3 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।

अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में शनिवार शाम 4:00 बजे होने वाली इस खुली नीलामी के लिए प्रशासन ने न्यूनतम बोली राशि 58 लाख रुपये तय की है। इस नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए इच्छुक संवेदकों अथवा एजेंसियों को न्यूनतम बोली राशि का 10 प्रतिशत यानी 5 लाख 80 हजार रुपये अग्रधन राशि (ईएमडी) के रूप में बैंक ड्राफ्ट के जरिए जमा कराना अनिवार्य होगा।

अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह नीलामी आगामी 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर (पूजा समाप्ति तक) की मेला अवधि के लिए भूमि के केवल अस्थायी उपयोग और लाइसेंस के उद्देश्य से की जा रही है। नीलामी के दौरान बोली की शुरुआत 58 लाख रुपये से होगी और प्रत्येक अगली बोली में कम से कम 25 हजार रुपये की वृद्धि करना अनिवार्य रहेगा। अग्रधन की राशि इंडियन ओवरसीज बैंक, हरदयाल रोड, कटिहार स्थित सार्वजनिक श्री दुर्गा मंदिर के खाते के नाम से बने बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी और बिना ईएमडी जमा किए किसी को भी डाक प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी।

नीलामी की मुख्य शर्तों के तहत उच्चतम बोली लगाने वाले सफल डाकदाता को कुल स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा नीलामी समाप्त होने के 24 घंटे के भीतर जमा कराना होगा। वहीं, शेष 50 प्रतिशत राशि मेला शुरू होने के सात दिन पहले जमा करनी होगी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं कराई जाती है, तो सफल बोली स्वतः रद्द कर दी जाएगी और अग्रधन की पूरी राशि जब्त कर ली जाएगी। ऐसी स्थिति में अगली पात्र बोली पर विचार किया जाएगा अथवा पुनः नीलामी आयोजित की जा सकेगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला परिसर में दुकान, झूला, पंडाल और प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी विभागीय और वैधानिक अनुमतियां प्राप्त करने का दायित्व सफल डाकदाता का ही होगा। इसके साथ ही पूरे परिसर में साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा तथा आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम डाकदाता को अपने निजी खर्च पर करने होंगे। मेला समाप्ति के बाद सभी अस्थायी ढांचों को हटाकर भूमि को स्वच्छ एवं पूर्ववत स्थिति में मंदिर प्रशासन को सौंपना होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह